देहरादून, सात अगस्त उत्तराखंड में अतिवृष्टि, बाढ़ व अन्य आपदाओं के कारण हुई क्षति का आकलन करने के लिए मंगलवार को एक केंद्रीय दल यहां पहुंचेगा।
प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने आपदाओं के कारण क्षति के संबंध में विभिन्न अधिकारियों के साथ यहां एक बैठक के दौरान यह जानकारी दी।
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, सचिव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित यह अन्तर मंत्रालयस्तरीय दल आठ से 11 अगस्त के बीच हरिद्वार का दौरा करेगा और क्षति का आकलन करेगा।
सिन्हा ने वर्तमान मॉनसून अवधि में हुई सभी प्रकार के नुकसान की जानकारी लेने के बाद विभागों के अधिकारियों को उसके सटीक आंकड़ों का विवरण जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग पिछले वर्षों में मॉनसून के दौरान हुई क्षति का भी वर्षवार डेटा तैयार करें ताकि इसका तुलनात्मक अध्ययन किया जा सके।
सचिव ने कहा कि शीघ्र ही भारत सरकार से क्षति के संबंध में दिशानिर्देशों में बदलाव हेतु बातचीत की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने सभी विभागों से सुझाव मांगे और खासतौर से कृषि विभाग को आपदाओं के कारण फसलों के नुकसान का अध्ययन करने को कहा।
इस वर्ष मॉनसून में अतिवृष्टि, भूस्खलन, बाढ़ तथा अन्य आपदाओं के कारण जान और माल दोनों को काफी नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में इस साल अब तक विभिन्न आपदाओं में 38 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है जबकि 20 अन्य घायल हुए हैं, इसके अलावा, 33 अन्य घायल भी हुए हैं। इसके अतिरिक्त, बड़ी मात्रा में कृषि भूमि, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
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