गुवाहाटी, 20 अक्टूबर असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का मौके पर आकलन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल ने राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा किया। इस बीच राज्य सरकार ने मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्यों के लिए धन जारी करने का आग्रह किया है। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गयी।
विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के सात सदस्यों वाली टीम ने बुधवार को गुवाहाटी में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की। यह टीम कल से ही राज्य के दौरे पर है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार ने मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्यों के लिए मांगी गई 1088.19 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का टीम से अनुरोध किया है।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनीष तिवारी की अध्यक्षता वाली टीम ने बोंगाईगांव, चिरांग और लखीमपुर जिलों में लोगों की आजीविका और संपत्ति के नुकसान और क्षति के बारे में बात की।
बयान में कहा गया है, 'राज्य सरकार ने केंद्रीय टीम से इस वर्ष बाढ़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के तहत धन जारी करने पर विचार करने का आग्रह किया।'
इसमें कहा गया है कि केंद्र को अपनी रिपोर्ट में एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के तहत स्वीकार्य मद के तौर पर कटान को शामिल करने पर विचार का टीम से अनुरोध किया गया था, क्योंकि राज्य को हर साल नदी के कटान के कारण भारी नुकसान पहुंचता है।
इस संबंध में राज्य सरकार के अधिकारियों को आश्वासन देते हुए तिवारी ने कहा कि टीम जल्द ही सिफारिशों के साथ भारत सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
केंद्रीय टीम में ग्रामीण विकास के अलावा वित्त, कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण मंत्रालय, जल शक्ति, बिजली, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सदस्य शामिल हैं।
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