तिरुवनंतपुरम, छह नवंबर केरल में सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि यह राज्य में कल्याणकारी योजनाओं पर अमल को बाधित करने और उच्च शिक्षा को तबाह करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हर चीज को अपने नियंत्रण में रखना चाहती है।
माकपा सचिव एमवी गोविंदन ने आरोप लगाया कि न्यूनतम रोजगार गारंटी जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर अमल को बाधित करने की केंद्र सरकार की मंशा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक दिन पहले दिये गये भाषण से उजागर हो गई है।
सीतारमण ने पी परमेश्वरीजी मेमोरियल व्याख्यान में अपनी बात रखी थी जिसका विषय था ‘सहकारी संघवाद: आत्मनिर्भर भारत की ओर जाने वाली राह’।
वित्त मंत्री ने कहा था कि कुछ राज्यों द्वारा गैर जरूरी वस्तुओं और खर्च के लिए अंधाधुंध उधार लेना चिंता का विषय है।
गोविंदन ने कहा कि केंद्र सरकार हर चीज पर नियंत्रण चाहती है। गोविंदन ने यहां माकपा की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में कहा, ‘‘एलडीएफ और माकपा केंद्र सरकार के इस रुख को बर्दाश्त नहीं कर सकती।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र गैर भाजपा शासित राजयों में राज्यपालों का इस्तेमाल उच्च शिक्षा में हस्तक्षेप करने और विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संघ परिवार का एजेंडा लागू करने के लिए कर रही है और यह केरल में भी हो रहा है।
राज्य में विश्वविद्यालयों की कार्य प्रणाली को लेकर राज्य सरकार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद के बीच विवाद चल रहा है।
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