नयी दिल्ली, 24 अगस्त भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक केंद्रीय सलाहकार समिति ने खाद्य कारोबार परिचालकों (एफबीओ) को एक वर्ष के बजाय पांच साल तक के लिए लाइसेंस जारी करने की सिफारिश की है।
आंध्र प्रदेश के तिरुपति में आयोजित केंद्रीय सलाहकार समिति (सीएसी) की 41वीं बैठक में एफएसएसएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जी कमला वर्धन राव ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में खाद्य उत्पादों के नमूने की स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
एफएसएसएआई ने बयान में कहा कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त (सीएफएस), राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों, एफएसएसएआई और नोडल मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों और खाद्य उद्योग, उपभोक्ताओं, कृषि, प्रयोगशालाओं और अनुसंधान निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों सहित 50 से अधिक अधिकारियों ने बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया।
बयान में कहा गया है, ‘‘सीएसी द्वारा यह सिफारिश की गई थी कि एफबीओ को इसके बाद वार्षिकं नवीनीकरण के लिए जाने की आवश्यकता नहीं है। एफबीओ के विकल्प पर लाइसेंस एक वर्ष के बजाय पांच साल तक के लिए जारी किए जा सकते हैं। यह खाद्य उद्योग की कारोबार सुगमता के लिए प्रमुख मांग थी।
राव ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से निपटने के लिए फोर्टिफाइड चावल के महत्व पर जोर दिया, जिसके लिए एफएसएसएआई द्वारा राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाई जाएगी।
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