देश की खबरें | केन्द्र के नए कृषि कानून किसानों के अनुकूल : चौहान
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भोपाल, आठ दिसंबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने केन्द्र के नए कृषि कानूनों को किसानों के अनुकूल बताते हुए मंगलवार को कहा कि मध्यप्रदेश में 80 लाख किसानों में से केवल 12-13 लाख किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेचते हैं।

चौहान ने अपने बयान में कहा, ‘‘केन्द्र सरकार द्वारा देश में लागू किए गए तीनों कृषि कानून किसान-हितैषी हैं तथा इनसे न केवल किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए ये बहुत बड़ा कदम है।’’

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उन्होंने स्पष्ट कहा कि एमएसपी पर खरीदी निरंतर जारी रहेगी, इसे समाप्त करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। बयान में उनके हवाले से कहा गया कि कृषि उपज मंडियां भी पूर्वानुसार कार्य करती रहेंगी, साथ ही किसानों को मंडी के बाहर फसल बेचने की सुविधा दिए जाने की प्रतिस्पर्धी व्यवस्था से किसानों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को छोटे-बड़े सभी किसानों के हितों का पूरा ध्यान है तथा नए कानून सभी के लिए हितकारी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग 80 लाख किसान हैं, परन्तु उनमें से 12-13 लाख किसान ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचते हैं।

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उन्होंने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर सबसे ज्यादा है। यहां के किसान समझते हैं कि तीनों नए कृषि कानून उनके लिए लाभदायक हैं, अत: वे पूरी तरह आश्वस्त हैं। कई लोग भ्रम फैला रहे हैं, परन्तु उनके प्रयास सफल नहीं होंगे।’’

उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार कृषि उपज व्यापार एक वाणिज्य कानून (एपीएमसी) लागू करने की पक्षधर थी। तत्कालीन केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने उन्हें पत्र लिखकर कहा था कि 'वर्तमान कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य कानून (ए.पी.एम.सी. एक्ट) को मॉडल ए.पी.एम.सी. एक्ट 2003 की तर्ज पर संशोधित करने की आवश्यकता है। इससे बाजार-अधोसंरचना में निजी क्षेत्र का निवेश प्रोत्साहित होगा तथा किसानों, उपभोक्ताओं और कृषि-व्यापार के समग्र हित में वैकल्पिक प्रतिस्पर्धात्मक बाजार की राहें खुलेंगी।'

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र की पिछली संप्रग सरकार की तुलना में राजग सरकार के कार्यकाल में समर्थन मूल्य पर अधिक कृषि उपज किसानों से खरीदी गयी है।

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