नयी दिल्ली, 22 जून भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने घर-घर खाना पहुंचाने वाली ऑनलाइन कंपनी स्विगी के खिलाफ अनुचित व्यापार व्यवहार के मामले में दर्ज कराई गई शिकायत को खारिज कर दिया।
सीसीआई में स्विगी के खिलाफ ग्राहकों से अतार्किक और अनुचित दाम वसूल करने की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्विगी आमतौर पर अपने भागीदार रेस्त्रां से समूचे आर्डर बिल पर जीएसटी सहित कमीशन वसूलती है।
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स्विगी आमतौर पर ग्राहक से 20 से 100 रुपये के बीच डिलिवरी शुल्क वसूलती है। कई बार खास मौकों पर जैसे की अधिक मांग का समय होने, वर्षा होने या फिर मध्यरात्रि के समय अधिक शुल्क भी वसूलती है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि स्विगी अपनी वेबसाइट पर जो दरें वसूलती है वह उस संबंधित रेस्त्रां द्वारा दिखाई दरों के मुकाबले काफी अधिक होतीं हैं। इसके ऊपर डिलिवरी शुल्क अलग से लिया जाता है।
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ग्राहकों को आमतौर पर इस बारे में जानकारी नहीं होती है कि स्विगी जिस रेस्त्रां से सामान की डिलीवरी करवा रहा है उस रेस्त्रां में सीधे जाने वाले ग्राहकों को काफी कम दाम पर यह सामान उपलब्ध होता है।
वहीं स्विगी ने इस शिकायत पर दिये गये अपने जवाब में कहा है कि वह केवल एक मध्यस्थ के तौर पर काम करती है और उसके प्लेटफार्म पर जो भी दाम बताये जाते हैं वह सीधे उसके भागीदार रेस्त्रां द्वारा बताये जाते हैं। दाम के बारे में फैसला लेने का अधिकार पूरी तरह से उसके भागीदार रेस्त्रां पर ही होता है। स्विगी का अपने प्लेटफार्म पर दाम में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं है।
जहां तक एकाधिकार की बात है स्विगी का दावा है कि संबंधित बाजार में उसका एकछत्र एकाधिकार नहीं है। स्विगी की दलील के बाद भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कहा कि स्विगी के खिलाफ लगाये गये आरोप सही साबित नहीं होते हैं।
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