देश की खबरें | सीबीएसई ओर आईसीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षा रद्द की, न्यायालय को दी गयी जानकारी

नयी दिल्ली, 25 जून उच्चतम न्यायालय को बृहस्पतिवार को सूचित किया गया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की जुलाई महीने में प्रस्तावित 10वीं और 12वीं कक्षाओं की शेष परीक्षायें रद्द कर दी गयी हैं। ये परीक्षायें जुलाई महीने में आयोजित करने का कार्यक्रम था।

सीबीएसई बोर्ड के 12वीं कक्षा के छात्रों के पास बाद में परीक्षा देने या फिर पिछली तीन आंतरिक परीक्षाओं में प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन का रास्ता चुनने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। परंतु 10वीं कक्षा के छात्रों के लिये पुन:परीक्षा का विकल्प नहीं होगा।

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हालांकि, आईसीएसई बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के पास दुबारा परीक्षा का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर , न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान केन्द्र और सीबीएसई बोर्ड की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता के इस कथन का संज्ञान लिया कि 1 से 15 जुलाई के दौरान होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षायें रद्द कर दी गयी हैं।

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मेहता ने पीठ को सूचित किया कि 12वीं कक्षा के छात्रों के पिछली परीक्षाओं में प्रदर्शन के आधार पर उनका आकलन करने की एक योजना तैयार की गयी है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘सीबीएसई और केन्द्र के अधिवक्ता ने संक्षिप्त हलफनामा, पेश किया। इन मामलों को कल 26 जून को सवेरे साढ़े दस बजे उचित आदेश के लिये सूचीबद्ध किया जाये।’’

शीर्ष अदालत ने सीबीएसई को नयी अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि वह विभिन्न राज्यों में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुये 12वीं कक्षा के लिये दुबारा परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन, परीक्षा फल की तारीख और पुन:परीक्षा की स्थिति से संबंधित मुद्दों पर कल विचार करेगा।

पीठ ने केन्द्र और सीबीएसई से यह भी जानना चाहा कि ये परीक्षा फल कब घोषित किये जायेंगे और 2020-21 का शैक्षणिक सत्र कब से शुरू होगा।

सीबीएसई ने पीठ को बताया कि परीक्षा के नतीजे मध्य अगस्त तक घोषित किये जा सकते हैं।

इस बीच, आईसीएसई ने पीठ को सूचित किया कि वह 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को पुन: परीक्षा का विकल्प उपलब्ध नहीं करायेगी और परीक्षाफल पिछले प्रदर्शन के आधार पर ही घोषित किया जायेगा।

पीठ ने कहा, ‘‘आपने कहा है कि जब स्थिति अनुकूल होगी तो परीक्षा आयोजित की जायेगी। लेकिन अलग अलग राज्य में स्थिति अलग अलग हो सकती है। क्या यह निर्णय केन्द्रीय प्राधिकारी लेंगे या राज्य निर्णय लेगा? आप इस स्थिति से कैसे निबटेंगे?’’

पीठ ने कहा कि सीबीएसई की अधिसूचना में आंतरिक मूल्यांकन और समय सीमा के बारे में संकेत दिया जाना चाहिए।

मेहता ने कहा, ‘‘इस संबंध में कल तक अधिसूचना जारी कर दी जायेगी।’’

इस मामले की सुनवाई के दौरान पीठ को सूचित किया गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने बोर्ड की परीक्षायें आयोजित करने में असमर्थता व्यक्त की है।

न्यायालय कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सीबीएसई द्वारा 12वीं कक्षा के लिये एक से 15 जुलाई के दौरान परीक्षायें आयोजित करने संबंधित 18 मई की अधिसूचना रद्द करने के लिये दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। आईसीएसई बोर्ड से भी इसी तरह की राहत का अनुरोध किया गया था।

इससे पहले, केन्द्र सरकार और सीबीएसई ने मंगलवार को न्यायालय को सूचित किया था कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ रहे मामलों के मद्देनजर एक विशेषज्ञ समिति 12वीं कक्षा की एक से 15 जुलाई के बीच होने वाली शेष परीक्षाओं को रद्द करने के बारे में निर्णय लेने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है और बुधवार तक इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकता है।

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ छात्रों के अभिभावकों ने भी न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में सीबीएसई को पूर्व में ली गई परीक्षाओं के आधार पर परिणाम घोषित करने और इसे शेष विषयों के आंतरिक मूल्यांकन अंकों के औसत के आधार पर तय करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

आईसीएसई बोर्ड ने भी न्यायालय से कहा था कि वह सीबीएसई की परीक्षाओं के मामले में सरकार के फैसले का ही व्यापक रूप से अनुपालन करेंगे।

सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षायें 15 फरवरी से शुरू हुयी थीं। ये परीक्षायें तीन अप्रैल को समाप्त होनी थीं। इसी तरह, 10वीं की परीक्षायें 21 फरवरी को शु्रू हुयीं थीं और उन्हें 29 मार्च को समाप्त होना था, लेकिन इसी दौरान 25 मार्च को देश में कोविड-19 महामारी की वजह से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था।

अनूप

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