नयी दिल्ली, दो जून सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल में आंध्र प्रदेश भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वार दर्ज केंद्र सरकार के विभागों से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ मे ली है।
नायडू ने सीबीआई को बिना अनुमति आंध्र प्रदेश में मामलों की जांच करने की सामान्य अनुमति वापस ले ली थी।
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अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने 6 जून 2019 को आदेश पारित कर पूर्ववर्ती नायडू सरकार द्वारा आठ नवंबर 2018 को लिए फैसले को पलट दिया था। नायडू ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आंध्र प्रदेश में काम करने से रोक दिया था।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आठ नवंबर 2018 से छह जून 2019 के बीच केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ एसीबी द्वारा दर्ज छह मामलों को सीबीआई को सौंप दिया है।
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अधिकारियों ने बताया कि दो मामले आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगने से जुड़ा है जबकि दो अन्य मामले सिंडिकेट बैंक के अधिकारियों द्वारा कोष में गबन करने का है। उन्होंने बताया कि एक-एक मामला केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) विभाग और नौसेन गोदी (नेवल डॉक यार्ड) के अधिकारियों द्वारा रिश्चत मांगने से जुड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने सीजीएसटी विभाग मामले में कम से कम एक प्राथमिकी दर्ज की है।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत काम करती है।
अधिनियम की धारा-6 में प्रवधान है कि राज्य सरकार नियमित रूप से सीबीआई को राज्य में अपने अधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति देंगे और नायडू के मुख्यमंत्री रहते आंध्र प्रदेश सरकार ने भी समय समय पर इस संबंध में आदेश जारी किए थे।
हालांकि, मार्च 2018 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार से संबंध टूटने के बाद नायडू ने आरोप लगाया कि केंद्र सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रहा है और उन्होंने इन एजेंसियों के राज्य में काम करने के लिए जरूरी आम सहमति भी वापस ले ली थी।
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