देश की खबरें | सीबीआई ने 4,037 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में ‘कॉर्पोरेट पावर लिमिटेड’ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

नयी दिल्ली, 23 दिसंबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 4,000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में ‘कॉर्पोरेट पावर लिमिटेड’ नामक कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि एजेंसी ने बृहस्पतिवार को नागपुर, मुंबई, रांची, कोलकाता, दुर्गापुर, गाजियाबाद और विशाखापत्तनम समेत अनेक शहरों में 16 स्थानों पर तलाशी ली थी।

अधिकारियों ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर एक शिकायत के अनुसार कोलकाता से संचालित कंपनी ने कथित तौर पर 20 बैंकों के एक संघ के साथ 4037.87 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की थी। यह शिकायत अब सीबीआई की प्राथमिकी का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि अभिजीत समूह की कई कंपनियां और इसके कुछ निदेशक कोयला घोटाले के मामलों में पहले से ही सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं और उनके खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया गया है।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘आरोप लगाया गया कि कथित कर्जदार कंपनी ने 2009 से 2013 के बीच हेरफेर करके परियोजना लागत संबंधी कागज जमा किये थे और बैंक से धन प्राप्त किया था।’’

सीबीआई ने प्राथमिकी में कंपनी और उसके प्रवर्तकों एवं निदेशकों को नामजद किया है।

एजेंसी ने प्राथमिकी में कंपनी और मनोज जायसवाल, अभिषेक जायसवाल, अभिजीत जायसवाल, राजीव कुमार, बिशाल जायसवाल, मुन्ना कुमार जायसवाल, पी.एन. कृष्णन, राजीव गोयल, अरुण कुमार श्रीवास्तव, एस एन गायकवाड़, प्रेम प्रकाश शर्मा और अरुण गुप्ता समेत उसके प्रवर्तकों तथा निदेशकों को आरोपियों के रूप में नामजद किया है।

बयान के अनुसार, यूनियन बैंक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी व्यक्तियों ने अपने लिए गलत लाभ कमाने के वास्ते ‘‘आपराधिक इरादे’’ से बैंक के साथ धोखाधड़ी की।

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