देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की निविदा में ‘‘भ्रष्टाचार’’ के मामले में सीबीआई की छापेमारी

नयी दिल्ली, दो दिसंबर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 2019 में ‘किरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट’ के लिए 2,200 करोड़ रुपये का निर्माण ठेका देने में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल रह चुके सत्यपाल मलिक के कथित ‘‘भ्रष्टाचार’’ के आरोप के मामले में चार शहरों के छह स्थानों पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की छापेमारी हो रही है।अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से छापेमारी तीन स्थानों पर केंद्रित रही, जिनमें ‘मेनस्ट्रीम आईटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के कंवलजीत सिंह दुग्गल और डी.पी. सिंह के परिसर भी शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत दिल्ली में कंपनी और दुग्गल के तीन परिसर और शिमला, नोएडा तथा चंडीगढ़ में एक-एक परिसर में छापेमारी जारी है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में सीबीआई चौथी बार तलाशी अभियान चला रही है। इससे पहले पिछले साल 21 अप्रैल तथा छह जुलाई और इस साल 17 मई को छापेमारी की गई थी।

अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे मलिक ने आरोप लगाया था कि परियोजना से संबंधित दो फाइल को मंजूरी देने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।

सीबीआई ने पहले कहा था, ‘‘यह मामला वर्ष 2019 में किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के लगभग 2,200 करोड़ रुपये के निर्माण का ठेका एक निजी कंपनी को देने में कदाचार के आरोप में दर्ज किया गया था।’’

एजेंसी ने ‘चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स (प्राइवेट) लिमिटेड’ (सीवीपीपीपीएल) के पूर्व अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी, पूर्व अधिकारी एम.एस. बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा और ‘पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड’ के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

चौधरी 1994 बैच के जम्मू-कश्मीर कैडर (वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित (एजीएमयूटी) कैडर) के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया, ‘‘सीवीपीपीपीएल की 47वीं बोर्ड बैठक में चल रही निविदा प्रक्रिया को रद्द करने के बाद रिवर्स नीलामी (जिसमें विक्रेता बोली लगाता है) के साथ ई-निविदा के जरिये पुन: निविदा का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया (8 वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार) और ठेका ‘पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड’ को दे दिया गया।’’

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