जरुरी जानकारी | सीबीआई ने एनएसई ‘को-लोकेशन’ मामले की जांच में 'काफी प्रगति' की : सीतारमण

नयी दिल्ली, 29 मार्च वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सीबीआई ने एनएसई को-लोकेशन मामले की जांच में 'काफी प्रगति' की है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनएसई के साथ इसके कुछ पूर्व शीर्ष स्तर के अधिकारियों द्वारा मानदंडों के उल्लंघन का पता लगाया है।

एनएसई को-लोकेशन के मामले में सरकार और सेबी को कुछ शिकायतें मिली हैं।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि मामले की जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ स्टॉक ब्रोकरों को व्यापार प्रणाली में तरजीही पहुंच मिली।

सीतारमण ने कहा, ‘‘सीबीआई ने इस मामले में वर्ष 2018 में भारतीय दंड संहिता, 1860, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की संबंधित धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया है। सीबीआई की जांच अभी भी चल रही है। सीबीआई ने सूचित किया है कि मामले की जांच में पर्याप्त प्रगति हुई है।’’

एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) चित्रा रामकृष्ण और उनके कार्यकाल के दौरान समूह परिचालन अधिकारी (जीओओ) आनंद सुब्रमण्यम के साथ मौजूदा समय में सीबीआई की हिरासत में हैं।

देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में अनियमितताओं के बारे में ताजा खुलासे के बीच मई 2018 में दर्ज की गई एक प्राथमिकी के बाद को-लोकेशन मामले से संबंधित गिरफ्तारी हुई है।

चित्रा रामकृष्ण से पहले, रवि नारायण एक्सचेंज के एमडी और सीईओ थे।

इस साल फरवरी में, सेबी ने वरिष्ठ स्तर पर भर्ती में चूक के लिए एनएसई के साथ-साथ रामकृष्ण और नारायण और दो अन्य अधिकारियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)