अहमदाबाद, नौ जुलाई सीबीआई ने बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) से कर्ज में 98.88 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोप में अहमदाबाद की रसायन कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि सीबीआई-गांधीनगर ने केम एज इंटरनेशल प्राइवेट लिमेटिड (सीईआईपीएल) और कंपनी के पांच निदेशकों के खिलाफ बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की।
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उन्होंने बताया कि इसके अलावा धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
प्राथमिकी कहती है, "2010 में बीओआई की अगुवाई वाले तीन बैंकों के गठजोड़ ने कंपनी को 65 करोड़ रुपये की कर्ज सीमा को मंजूरी दी थी।"
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प्राथमिकी के मुताबिक, 2011 में भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले सात बैंकों के गठजोड़ ने कंपनी के लिए 200 करोड़ रुपये की ऋण सीमा को मंजूरी दी और बाद में बीओआई की अगुवाई वाले सात बैंकों के गठजोड़ ने फिर 300 करोड़ रुपये की कर्ज सीमा को मंजूरी दी, जिसमें बैंक का हिस्सा 95 करोड़ रुपये था।
कंपनी के खातों को दिसंबर, 2016 में गैर-निष्पादित आस्ति (एनपीए) घोषित कर दिया, क्योंकि बैंक को बकाये का भुगतान नहीं किया गया। इस कंपनी का नाम पहले एरडोर एंटरप्राइज़ेज प्राइवेट लिमेटिड था।
मामले की रिपोर्ट के मुताबिक, फॉरेंसिक ऑडिट से पता चलता है कि कंपनी संबंधित इकाइयों के बीच कोष को घुमा रही थी, जो फर्जी व्यापार का संकेत देता है।
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