जबलपुर (मध्यप्रदेश), छह अक्टूबर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निलंबित किए जाने को चुनौती देने वाली भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा की याचिका पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने मंगलवार को राज्य सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए।
न्यायिक सदस्य आरएस ठाकुर एवं प्रशासनिक सदस्य नैनी जयसीलन की पीठ ने शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किये हैं।
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इस मामले में अगली सुनवाई पांच नवंबर, 2020 को होगी।
यह जानकारी याचिकाकर्ता के वकील मनोज शर्मा ने दी है।
मालूम हो कि घरेलू हिंसा और अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के मानदंडों का उल्लंघन करने के मामले में दिये गये कारण बताओ नोटिस पर शर्मा का जवाब असंतोषजनक पाये जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने 29 सितंबर, 2020 को उन्हें विशेष महानिदेशक के पद से निलंबित कर दिया था।
राज्य सरकार ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर 28 सितंबर को उनके दो विवादस्पद वीडियो वायरल होने के बाद लिया था। इनमें से एक वीडियो में शर्मा अपने पत्नी के साथ घर में मारपीट करते दिख रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में शर्मा एक क्षेत्रीय टेलीविजन चैनल की महिला एंकर के घर में बैठे हुए दिखाई पड़ रहे हैं और अपनी पत्नी के वहां पहुंचने के बाद वह वहां से निकल जाते हैं, जिसके बाद शर्मा की पत्नी एंकर के घर का मुआयना करते एवं पूछताछ करती दिखाई दे रही हैं।
याचिकाकर्ता के वकील मनोज शर्मा ने कहा कि मेरे मुवक्किल पुरुषोत्तम शर्मा ने अपने निलंबन को इस आधार पर चुनौती दी है कि राज्य सरकार ने उन्हें दिए गए कारण बताओ नोटिस पर उनके जवाब पर विचार किए बिना ही उनके निलंबन पर फैसला ले लिया।
वकील ने कहा कि हालांकि, पुरुषोत्तम शर्मा ने राज्य सरकार द्वारा दिए गए कारण बताओ नोटिस का समय पर जवाब दिया, लेकिन उनके जवाब पर विचार किए बिना ही उन्हें निलंबित कर दिया गया।
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