देश की खबरें | कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विश्वास जताया कि यादवपुर विश्वविद्यालय में स्थिति में सुधार होगा

कोलकाता, 22 अगस्त स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र की मौत को लेकर हाल में सुर्खियों में आए यादवपुर विश्वविद्यालय की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद व्यक्त करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हर संस्थान बुरे दौर से गुजरता है।

प्रतिष्ठित संस्थान में उचित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के उपाय किये जाने का अनुरोध करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले में छात्रसंघ को भी पक्षकार बनाया जाए।

विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के एनआईआरएफ (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क) द्वारा देश में चौथा स्थान दिया गया है।

पीठ में न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि उसे विश्वास है कि विश्वविद्यालय में स्थिति में सुधार होगा।

यह कहते हुए कि हर संस्थान बुरे दौर से गुजरता है, अदालत ने कहा, “शायद, हम अब भी बुरे दौर में हैं, चीजें बदल जाएंगी।”

अदालत ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को सुनवाई की अगली तारीख पर यादवपुर विश्वविद्यालय अधिनियम, 1981, छात्र कल्याण, छात्र छात्रावासों के विनियमन और संबंधित मामलों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा बनाए गए विभिन्न अध्यादेशों, विनियमों और नियमों का एक संकलन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

अदालत ने सोमवार को निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई पांच सितंबर को फिर से की जाएगी।

यह मानते हुए कि विश्वविद्यालय के पास कानून के अनुसार काफी शक्तियां हैं, अदालत ने कहा कि यदि उसके अधिकारी कहते हैं कि वे सशक्त होने के बावजूद नियमों को लागू करने में असमर्थ हैं, तो उसे सोचना चाहिए कि ऐसी स्थिति में क्या करने की जरूरत है।

अदालत ने कहा कि जहां पुलिस परिसर के बाहर सड़कों पर सामान्य स्थिति सुनिश्चित करेगी, वहीं विश्वविद्यालय अधिकारी परिसर के अंदर उचित शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए एक योजना तैयार करेंगे।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “हमें विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद एक पूर्व छात्र के रूप में गर्व महसूस करने की आवश्यकता है। जब वे आपको 15 वर्षों के बाद पूर्व छात्रों की बैठक के लिए बुलाते हैं, तो आपको विश्वविद्यालय में लौटने की सुखद यादों पर गर्व होना चाहिए; भयावह यादों के साथ नहीं।”

यह मानते हुए कि यह एक आंतरिक समस्या है, अदालत ने कहा कि वह सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए इस मामले पर छात्र संघों से उनके विचार सुनेगी।

बांग्ला के स्नातक पाठ्यक्रम के 17 वर्षीय छात्र की नौ अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर स्थित लड़कों के मुख्य छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकनी से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि वह रैगिंग का शिकार था।

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