नयी दिल्ली, 26 अप्रैल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति को मंजूरी दे दी जिसका मकसद देश में चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को प्रोत्साहित करना एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यह जानकारी दी।
मांडविया ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस नीति को मंजूरी दी गई।
उन्होंने बताया कि इस नीति में चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को लेकर छह सूत्री रणनीति तैयार की गई है तथा इसे लागू करने के लिए कार्य योजना भी तैयार की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के अगले पांच वर्षों में वर्तमान 11 अरब डालर (करीब 90 हजार करोड़ रूपये) से बढ़कर 50 अरब डालर होने की उम्मीद है। ऐसे में यह आशा की जाती है कि यह नीति पहुंच, वहनीयता, गुणवत्ता एवं नवोन्मेष के लोक स्वास्थ्य उद्देश्यों को पूरा करेगा।
उन्होंने कहा कि देश में 75 प्रतिशत चिकित्सा उपकरणों का आयात किया जाता है। इस स्थिति में देश में ही चिकित्सा उपकरण बनाएं जाएं, जरूरत को पूरा किया जा सके और निर्यात भी हो, इसके लिए समग्र प्रयास किये जाने की जरूरत महसूस की गई।
मांडविया ने कहा कि इससे देश में चिकित्सा उपकरणों का नियमन समग्र दृष्टिकोण के आधार पर करने में मदद मिलेगी।
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष सरकार ने मसौदा राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2022 को विचार विमर्श के लिए जारी किया था।
दीपक
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