नयी दिल्ली, नौ दिसंबर केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को पूंजी बाजार नियामक सेबी और लक्जमबर्ग
की बाजार विनियामक एजेंसी फाइनेंसियल एण्ड कमीशन डे सर्विलेंस डु सेक्टउर फाइनेंसियर (सीएसएसएफ) के बीच द्विपक्षीय सहयोग की सहमति के ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर को स्वीकृति दी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुये कहा गया है कि प्रस्तावित द्विपक्षीय एमओयू से दोनों देशों के बीच प्रतिभूति कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन के लिये सूचनओं के आदान प्रदान की व्यवस्था मजबूत होगी। इसके साथ ही इससे एक तकनीकी सहायता कार्यक्रम को स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
सेबी के एमओयू पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह मंजूरी दी गई।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: नए साल से पहले इन कर्मचारियों को मिली बड़ी सौगात, सैलरी में हुआ इजाफा.
सेबी की तरह सीएसएसएफ भी प्रतिभूति आयोगों के अंतरराष्ट्रीय संगठन में बहुपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाले संगठनों में शामिल है।
सीएसएसएफ बीमा क्षेत्र को छोड़कर लक्जमबर्ग के समूचे वित्तीय केन्द्र का निरीक्षण करने वाला सक्षम प्राधिकरण है। उसपर प्रतिभूति बाजार के नियमन और निरीक्षण की भी जवाबदेही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY