जरुरी जानकारी | मंत्रिमंडल ने साधारण बीमा कारोबार अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी

नयी दिल्ली, 29 जुलाई केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के निजीकरण को लेकर साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) अधिनियम (जीआईबीएनए) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में पेश किये जाने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को जीअईबीएनए में संशोधन को मंजूरी दी। विधेयक सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों में अधिक से अधिक निजी भागीदारी को सुगम बनाने का रास्ता साफ करता है।

यह अधिनियम 1972 में लागू हुआ था और इसमें साधारण बीमा कारोबार के विकास के जरिये अर्थव्यवस्था की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए भारतीय बीमा कंपनियों और अन्य मौजूदा बीमा कंपनियों के उपक्रमों के शेयरों के अधिग्रहण और हस्तांतरण की अनुमति का प्रावधान किया गया था।

उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में बड़े स्तर पर निजीकरण की घोषणा की हैं। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक साधारण बीमा कंपनी शामिल हैं।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बेचकर 1.75 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक साधारण बीमा कंपनी का नाम के बारे में सुझाव और सिफारिश देने की जिम्मेदारी नीति आयोग को दी गयी है। ऐसा समझा जाता है कि नीति आयोग ने विनिवेश पर गठित सचिवों की समिति को यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के नाम का सुझाव दिया है।

सूत्रों के अनुसार इसके अलावा, सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण के लिये बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 और बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम, 1980 में संशोधन की आवश्यकता होगी।

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