नयी दिल्ली, दो सितंबर मंत्रिमंडल की नियुक्ति मामलों की समिति ने मौजूदा चेयरमैन बी के यादव को सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। रेलवे के इतिहास में पहला मौका है जब सीईओ का पद सृजित किया गया है। यादव चेयरमैन एवं सीईओ का पद संभालेंगे।
इससे पहले, मंत्रिमंडल ने रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन को मंजूरी दी थी। इसके तहत इसके सदस्यों की संख्या आठ से कम कर पांच कर दी गयी थी। रेलवे में बड़े पैमाने में शुरू किये गये सुधारों के तहत यह कदम उठाया गया है।
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यादव को चेयरमैन और सीईओ नियुक्त किया गया है जबकि प्रदीप कुमार सदस्य, बुनियादी ढांचा, पीसी शर्मा को सदस्य, ट्रैक्शन और रोलिंग स्टॉक, पीएस मिश्रा को सदस्य, परिचालन और व्यापार विकास तथा मंजुला रंगराजन को सदस्य, वित्त नियुक्त किया गया है।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति के अनुसार इसके तहत रेलवे बोर्ड में तीन पदों...सदस्य (स्टाफ), सदस्य (इंजीनियरंग और सदस्य), (सामग्री प्रबंधन) को समाप्त कर दिया गया है। सदस्य पद (रोलिंग स्टॉक) का उपयोग शीर्ष स्तर पर महानिदेशक (मनव संसाधन) पद सृजित करने में किया गया।
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रेलवे की योजना के अनुसार चेयरमैन और सीईओ कैडर नियंत्रित करने वाले अधिकारी होंगे और उनकी जवाबदेही मानव संसाधन की होगी। इस काम में महानिदेशक (मानव संसाधन) उनकी सहायता करेंगे।
मंत्रिमंडल के अनुसार भारत रेलवे चिकित्सा सेवा (आईआरएमएस) का नाम बदलकर भारत रेलवे स्वास्थ्य सेवा (आईआरएचएस) किया गया है। रेलवे के आठ प्रभागों एक केंद्रीय सेवा में विलय की प्रक्रिया जारी है। यह भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा कहलाएगी।
रेलवे के अनुसार इन सुधारों से विभिन्न विभागों का चक्कर समाप्त होगा, रेलवे का कामकाज और सुगम होगा और युक्तिसंगत निर्णय लिये जा सकेंगे।
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