देश की खबरें | मंडोली जेल से उगाही गिरोह चलाए जाने का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 अगस्त दिल्ली पुलिस ने नगर की मंडोली जेल से उगाही गिरोह चलाए जाने का पर्दाफाश करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जेल का मुख्य वार्डन शामिल है।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह भी पढ़े | GST Council Meet: कोरोना महामारी के चलते 2.35 लाख करोड़ रुपए की कमी की आशंका.

आरोपियों की पहचान विकास (28), प्रमोद कुमार (30), हनी राजपाल (35) और जगमोहन (23) के रूप में की गयी है। उन्होंने कहा कि मंडोली जेल के मुख्य वार्डन राजेंद्र सिंह (50) को भी गिरफ्तार किया गया है।

महानिदेशक (जेल) संदीप गोयल ने कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी जेल कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़े | PM Modi Addresses Atmanirbhar Bharat Defence Industry: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को लेकर हमारा कमिटमेंट सिर्फ बातचीत या कागजों तक ही सीमित नहीं.

पुलिस ने बताया कि नंदू गैंग का सदस्य विकास इस गिरोह का सरगना है और वह अभी जेल में बंद है। वह वहीं से गिरोह का संचालन कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के पांच सदस्यों में से प्रत्येक को एक विशिष्ट कार्य सौंपा गया था।

कुमार का काम सिंह के लिए सिम कार्ड की व्यवस्था करना था।

जेल कर्मचारी होने के नाते सिंह का काम जांच से बचते हुए राजपाल को जेल के अंदर सिम कार्ड सौंपना था।

पुलिस ने कहा कि राजपाल ने मोबाइल फोन की व्यवस्था की थी जबकि विकास लोगों को संदेश भेजता था।

पुलिस को 22 अगस्त को द्वारका दक्षिण थाने में एक शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके पास दो मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए धमकी आ रही है।

पुलिस उपायुक्त (द्वारका) एंटो एल्फोंस ने बताया कि जांच में दोनों नंबर न्यू उस्मानपुर निवासी जगमोहन और प्रमोद कुमार के नाम पर पंजीकृत मिले। दोनों मोबाइल नंबर की लोकेशन बुद्धविहार, मंडोली आ रही थी।

उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने छापेमारी शुरू की ओर जगमोहन को पकड़ा। पूछताछ में जगमोहन ने बताया कि छह अगस्त को ये सिम कार्ड उसके रिश्तेदार कुमार के नाम पर जारी किए गए।

उन्होंने बताया कि इसके बाद कुमार को पकड़ा गया। कुमार अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आया था। पूछताछ के दौरान कुमार ने इस गिरोह का खुलासा किया।

इसके बाद अन्य आरोपियों को पकड़ लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के तीन मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं और आरोपियों के बीच व्हाट्सऐप के जरिए हुयी बातचीत का भी पता लगा लिया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)