देश की खबरें | बीएसएफ के आईजी ने कश्मीर के सीमावर्ती इलाके में मूलभूत सुविधाओं की कमी को रेखांकित किया

श्रीनगर, 13 मई कश्मीर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घाटी में नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों की आबादी के लिए स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा और मोबाइल संपर्क जैसी ‘‘मूलभूत सुविधाओं’’ की कमी को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी ‘‘विरले’’ ही इन दूर दराज के इलाकों का दौरा करते हैं।

बीएसएफ के महानिरीक्षक (आईजी) राजू बाबू ने जम्मू-कश्मीर में कश्मीर के संभागीय आयुक्त पांडुरंग पोले को पत्र लिखा है। उन्होंने यह पत्र कुपवाड़ा जिले के सीमावर्ती इलाके माछल सेक्टर में किए गए दौरे के बाद लिखा है।

सिंह ने कहा कि स्थानीय लोगों ने कई मुद्दों पर उनसे शिकायत की जिनका सामना वे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की अनुपलब्धता, बिजली की लचर आपूर्ति, खराब मोबाइल और इंटरनेट संपर्क की कमी, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और राष्ट्रीय अर्हता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में मदद करने के लिए कोचिंग संस्थानों की अनुपलब्धता इन शिकायतों में शामिल हैं।

आईजी ने कहा कि इन अग्रिम इलाकों और गांवों में ‘‘ अधिकतर मूलभूत सुविधाओं की कमी है’’। उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब है जब देश ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’मना रहा है।

उन्होंने आयुक्त से अपील की कि वह ‘‘ जिम्मेदार’’ सरकारी अधिकारियों को ‘‘सीमावर्ती इलाकों पर अधिक ध्यान’’ देने का निर्देश दें।

सिंह ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों के क्षेत्र में कार्यरत कर्मी इन इलाकों में रुकना ‘पसंद नहीं करते’ और कुपवाड़ा या साथ लगे बांदीपोरा चले जाते हैं। उन्होंने कहा वे ‘ विरले’ही शम्सबाड़ी पर्वता श्रंखला को पार करते हैं जहां के तंगधार बाउल, केरन, माछल और गुरेज घाटी जैसे इलाकों में बड़ी आबादी रहती है।

अधिकारी ने आयुक्त से अपील की कि वह कुछ कदम ‘‘प्राथमिकता के आधार’’पर उठाएं ताकि सीमावर्ती इलाकों में रह रहे लोगों की मदद हो सके।

आईजी ने कहा कि वह उसी सेक्टर के कुछ अग्रिम इलाकों का अगले सप्ताह दोबारा दौरा करेंगे और बीएसएफ द्वारा लगाए गए कुछ चिकित्सा शिविरों का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी उनके साथ होंगे तो यह सीमावर्ती इलाकों में रह रही आबादी की ‘बड़ी मदद’ होगी।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को अलग करने वाली नियंत्रण रेखा (एलओसी) की सुरक्षा के लिए बीएसएफ को सेना की कमान के तहत तैनात किया गया है। उसका यहां फ्रंटियर मुख्यालय है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)