मालदा, तीन सितंबर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने गंगा नदी के जरिए यहां से बांग्लादेश भेजी जा रही खांसी की दवा (कफ सीरप) की एक हजार बोतलें जब्त की हैं।
खांसी का यह सीरप कोडीन से बना है।
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अर्धसैनिक बल के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि शोबापुर सीमा चौकी पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने एक सूचना के आधार पर निगरानी बढ़ा दी और बुधवार को नदी में एक पैकेट बहते देखा, यह पैकेट बांग्लादेश की ओर बह रहा था।
उन्होंने बताया कि एक दल नौका से रवाना हुआ और पैकेट को कब्जे में ले लिया।
अधिकारी ने बताया कि पैकेट में खांसी के सीरप की एक हजार बातलें और एक मोबाइल फोन था। थर्माकोल के सहारे यह पैकेट बह रहा था और इसमें रखी बोतलों की कीमत 1.69 लाख रुपए है।
उन्होंने बताया कि भारत के तस्कर ऐसे ही पैकेट गंगा में बहा देते हैं और उसमें एक मोबाइल फोन ऊपर रखते हैं, जैसे ये पैकेट बांग्लादेश के निकट पहुंचे है तो ये उस फोन पर कॉल करना शुरू करते हैं। फोन की लाइट जलने लगती है और इस प्रकार से पैकेट का इंतजार कर रहे तस्कर चौकन्ने हो जाते हैं।
कोडीन आधारित खांसी की दवा को नशे की तरह इस्तेमाल किया जाता है, वहां शराब पीने पर प्रतिबंध है।
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