विदेश की खबरें | ईरान पर मिसाइल और परमाणु प्रतिबंध बरकरार रखेंगे ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ईरान और पश्चिमी देशों के बीच हुए परमाणु समझौते, जोकि समाप्त हो चुका है, के तहत लागू की गई ये पाबंदियां समयसारिणी के अनुरूप अक्टूबर में खत्म होनी थी।

यूरोपीय देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे समझौते का पालन नहीं करने के लिए ईरान पर अपने प्रतिबंध बरकरार रखेंगे।

इन देशों ने ईरान पर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इन पाबंदियों के तहत किसी के भी ईरान से ड्रोन व मिसाइलों को खरीदने, बेचने या स्थानांतरित करने पर रोक है। इनमें परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में शामिल कई ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्ति जब्त करना भी शामिल है।

ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास और परीक्षण करके और यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को ड्रोन भेजकर प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है।

ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा कि प्रतिबंध तब तक लागू रहेंगे जब तक तेहरान सौदे का "पूरी तरह से अनुपालन" नहीं कर लेता। आठ साल पहले हुए समझौते के अनुसार ये प्रतिबंध 18 अक्टूबर को समाप्त होने वाले थे।

साल 2015 के परमाणु समझौते का मतलब यह सुनिश्चित करना था कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सके। समझौते के तहत, ईरान ने आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले में यूरेनियम के संवर्धन को सीमित करने पर सहमति जताई थी।

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