ब्रिक्स की स्थापना ‘‘हमें और अमेरिकी डॉलर को नुकसान पहुंचाने’’ के लिए की गई: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स के सदस्य देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की चेतावनी देते हुए मंगलवार को दावा किया कि इस समूह की स्थापना अमेरिका को नुकसान पहुंचाने और डॉलर को कमजोर करने के लिए की गई है.
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 9 जुलाई : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स के सदस्य देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की चेतावनी देते हुए मंगलवार को दावा किया कि इस समूह की स्थापना अमेरिका को नुकसान पहुंचाने और डॉलर को कमजोर करने के लिए की गई है. ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में कैबिनेट की छठी बैठक में पत्रकारों से बात करते हुए यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे ब्रिक्स में हैं तो उन्हें 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा.’’ ट्रंप ने कहा कि ब्रिक्स की स्थापना ‘‘हमें नुकसान पहुंचाने’’ और ‘‘हमारे डॉलर को कमजोर करने’’ और डॉलर को मानक मुद्रा की स्थिति से हटाने के लिए की गई थी.उन्होंने कहा, ‘‘और अगर वे यह खेल खेलना चाहते हैं तो ठीक है लेकिन मैं भी यह खेल खेल सकता हूं. इसलिए ब्रिक्स में शामिल हर देश को 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा.’’ ट्रंप ने कहा कि यह ‘‘बहुत जल्द’’ होगा.
उन्होंने ने कहा, ‘‘अगर वे ब्रिक्स के सदस्य हैं तो उन्हें 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा... केवल इसी एक बात के लिए.’’ ट्रंप ने दावा किया कि ब्रिक्स ‘‘काफी हद तक टूट गया’’ है लेकिन ‘‘कुछ देश ऐसे भी हैं जो अब भी (इसके सदस्य) बने हुए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरी राय में ब्रिक्स कोई गंभीर खतरा नहीं है लेकिन वे डॉलर को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कोई दूसरा देश (हमारी) जगह ले सके और मानक बन सके. हम किसी भी हाल में (डॉलर की) मानक (मुद्रा) की यह स्थिति खोने वाले नहीं हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपके पास एक समझदार राष्ट्रपति है, तो आप कभी भी मानक नहीं खोएंगे.’’ यह भी पढ़ें : ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोका: अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो
ट्रंप ने कहा, ‘‘अगर डॉलर विश्व में मानक नहीं रहता है तो यह एक युद्ध, एक बड़ा विश्व युद्ध हारने जैसा होगा; हम पहले जैसे देश नहीं रह जाएंगे. हम ऐसा नहीं होने देंगे... डॉलर राजा है, हम इसकी स्थिति ऐसे भी बनाए रखेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोग इसे चुनौती देना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं लेकिन उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी और मुझे नहीं लगता कि उनमें से कोई भी इस कीमत को चुकाने के लिए तैयार है.’’ ब्रिक्स देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान के नेता छह-सात जुलाई को ब्राजील में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हुए
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 09, 2025 08:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

