गुवाहाटी, 13 सितंबर असम के सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य के 82,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र पर उसके चार पड़ोसी राज्यों ने अतिक्रमण किया है।
बोरा ने कहा कि सीमा विवादों को पड़ोसी राज्यों के साथ बातचीत और कानूनी उपायों के माध्यम से सुलझाया जा रहा है।
कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ के एक सवाल का जवाब देते हुए बोरा ने दावा किया कि असम की 59,490.210 हेक्टेयर भूमि पर नगालैंड का कब्जा है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश ने 16,144.00117 हेक्टेयर, मेघालय ने 3,441.8601 हेक्टेयर और मिजोरम ने 3,675.7800 हेक्टेयर क्षेत्र पर अतिक्रमण किया हुआ है।
विवादों के समाधान के संबंध में बोरा ने कहा कि मिजोरम के साथ विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है, जबकि नगालैंड से संबंधित मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।
कांग्रेस के देबब्रत सैकिया के एक अन्य सवाल के जवाब में, बोरा ने कहा कि मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के साथ सीमा विवादों को केंद्रीय गृह मंत्रालय के सुझाव से गठित क्षेत्रीय समितियों के माध्यम से सुलझाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मामले में, अरुणाचल प्रदेश के दावे वाले 123 गांवों के विवाद के निस्तारण के लिए इस साल 20 अप्रैल को दोनों राज्यों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्रों के मामले से निपटने के लिए बारह क्षेत्रीय समितियां बनाई गई हैं और इनमें से 71 गांवों की सीमाएं पहले ही तय हो चुकी हैं।
मंत्री ने कहा कि शेष गांवों को लेकर समझौता करने की प्रक्रिया चल रही है और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के छह महीने के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा।
बोरा ने कहा कि मेघालय के साथ मतभेद वाले 12 क्षेत्रों की पहचान की गई है और इनमें से छह क्षेत्रों के समाधान के लिए एक समझौता ज्ञापन पर 29 मार्च, 2022 को हस्ताक्षर किए गए थे।
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