देश की खबरें | बंबई उच्च न्यायालय ने 1993 में जारी हिरासत संबंधी आदेश को रद्द किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने विदेशी मुद्रा अनधिकृत रूप से रखने और इसके लेन-देन में संलिप्त रहने के संदेह में 62 वर्षीय एक व्यक्ति के खिलाफ 2023 में क्रियान्वित किये गए हिरासत संबंधी आदेश को रद्द कर दिया है। हिरासत संबंधी आदेश 1993 में जारी किया गया था।
मुंबई, 28 सितंबर बंबई उच्च न्यायालय ने विदेशी मुद्रा अनधिकृत रूप से रखने और इसके लेन-देन में संलिप्त रहने के संदेह में 62 वर्षीय एक व्यक्ति के खिलाफ 2023 में क्रियान्वित किये गए हिरासत संबंधी आदेश को रद्द कर दिया है। हिरासत संबंधी आदेश 1993 में जारी किया गया था।
अदालत ने बुधवार को कहा कि प्राधिकार 30 साल बाद भी आदेश के क्रियान्वयन को न्यायसंगत साबित करने में नाकाम रहा।
अब्दुल रशीद नाम के व्यक्ति को 28 फरवरी 2023 को विदेशी मुद्रा संरक्षण एवं तस्करी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (सीओएफईपीओएसए) के प्रावधानों के तहत एक साल के लिए हिरासत में लिया गया था।
व्यक्ति ने उच्च न्यायालय का रुख कर, हिरासत से जुड़े 1993 के आदेश और इसकी पुष्टि करते हुए 2023 में केंद्र द्वारा जारी आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति गौरी गोडसी की खंडपीठ ने बुधवार को दोनों आदेशों को रद्द करते हुए कहा कि हिरासत में लेने वाला प्राधिकार 1993 में जारी आदेश के क्रियान्वयन को न्यायसंगत साबित करने में नाकाम रहा।
पीठ ने निर्देश दिया कि रशीद को तत्काल रिहा किया जाए।
उच्च न्यायालय ने हालांकि अपने आदेश पर दो हफ्तों के लिए रोक लगा दी क्योंकि केंद्र सरकार ने आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने के लिए इस पर स्थगन का अनुरोध किया था।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के मुंबई स्थित उपलब्ध पते पर जाने के अलावा उसका पता लगाने के लिए कोई कोशिश नहीं की गई।
अदालत ने कहा, ‘‘मौजूदा मामले में अकारण और 30 साल की असमान्य देर याचिकाकर्ता को एहतियाती हिरासत में लेने को न्यायसंगत नहीं साबित करती है।’’
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘हिरासत में लेने वाले प्राधिकार ने 1993 में पारित आदेश को 30 साल तक क्रियान्वित नहीं करने के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।’’
रशीद ने अपनी याचिका में, सीओएफईपीओएसए के प्रावधानों के तहत केंद्रीय वित्त मंत्रालय के 17 मई 1993 के आदेश को चुनौती दी थी।
उन्होंने 24 मई 2023 को मंत्रालय द्वारा पारित उस आदेश को भी चुनौती दी थी, जिसमें 1993 के आदेश की पुष्टि की गई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2023 04:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

