मुंबई, दो अगस्त रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक कांस्टेबल द्वारा कथित रूप से ट्रेन में की गई गोलीबारी में मारे गए हैदराबाद निवासी सैयद सैफुद्दीन के रिश्तेदारों को उनका शव बुधवार को सौंप दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पालघर स्टेशन के पास सोमवार तड़के आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह ने जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस ट्रेन में चार व्यक्तियों की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी जिनमें आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) टीकाराम मीणा (58) भी शामिल थे।
अन्य मृतकों की पहचान पालघर जिले के नालासोपारा निवासी अब्दुल कादरभाई मोहम्मद हुसैन भानपुरवाला (58), बिहार के मधुबनी जिले के निवासी असगर अब्बास शेख (48) और मूल रूप से कर्नाटक के बीदर निवासी सैय्यद सैफुद्दीन में हुई। सैफुद्दीन हैदराबाद में बस गए थे।
असगर शेख के रिश्तेदारों ने सोमवार को प्रदर्शन किया और उनके शव को तब तक लेने से इनकार कर दिया, जब तक कि रेलवे उनके कानूनी वारिस को नौकरी देने का आश्वासन नहीं देता और उनके शव को उनके पैतृक स्थान मधुबनी जिले में ले जाने की व्यवस्था नहीं करता।
उन्होंने सोमवार को पहले उपनगरीय कांदिवली में नगर निकाय द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और मंगलवार को मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में भी प्रदर्शन किया जहां बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
वे मंगलवार को अपना प्रदर्शन खत्म करने और शव को ले जाने पर सहमत हो गए थे।
एएसआई मीणा के शव को मंगलवार को ट्रेन से अंतिम संस्कार के लिए राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में उनके पैतृक स्थान भेजा गया। इससे पहले आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि सैयद सैफुद्दीन के रिश्तेदार हैदराबाद से मुंबई पहुंचे और जेजे अस्पताल में बुधवार को उन्हें शव सौंप दिया गया। ठाकुर ने कहा कि सभी मृतकों के शवों को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है।
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