नोएडा, 23 फरवरी : उत्तर प्रदेश की आपात सेवा ‘यूपी 112’ पर पिछले लगभग दो महीने में ‘तेज आवाज में संगीत बजाने’ से जुड़ी 6,558 शिकायतें की गई हैं. सबसे अधिक शिकायतें राजधानी लखनऊ से और इसके बाद क्रमश: नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और वाराणसी से की गई. आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. ‘यूपी 112’ ने आंकड़े जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे फरवरी और मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं और इनमें लाखों विद्यार्थियों के शामिल होने के मद्देनजर ध्वनि प्रदूषण को लेकर सूचित करें.
आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में ‘यूपी 112’ को तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर 1,558 शिकायतें मिलीं. जनवरी में इस संबंध में 1,415 शिकयतें दर्ज की गई और फरवरी में 15 तारीख तक 3,585 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं. आंकड़ों के मुताबिक अधिक शिकायतें बड़े शहरों से मिल रही हैं. राज्य की राजधानी लखनऊ 75 दिन में 739 शिकायतों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर है. शिकायतों के मामले में सूची में दूसरा स्थान गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) है जहां से 734 शिकायतें दर्ज की गई. इसके बाद क्रमश: गाजियाबाद (590), कानपुर (376) और वाराणसी (331) का स्थान है. यह भी पढ़ें : केंद्र को निशाना बनाने संबंधी प्रस्ताव पारित करने पर कर्नाटक विस में भाजपा, जद (एस) का हंगामा
आंकड़ों के मुताबिक छोटे शहरों में बड़े शहरों की तुलना में माहौल अधिक शांत रहा. उदाहरण के लिए इस अवधि के दौरान ‘यूपी 112’ को श्रावस्ती से केवल तीन, औरैया से 10 और एटा और कौशांबी जिलों से 12-12 शिकायतें मिली. अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) नीरा रावत ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘ यदि अनुमेय सीमा से अधिक शोर होता और इससे नागरिकों को परेशानी होती है या छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है, तो कोई भी ‘यूपी 112’ पर कॉल कर सकता है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत पुलिस प्रतिक्रिया वाहन भेजे जाएंगे. हम नागरिकों, विशेषकर बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को सर्वोत्तम माहौल प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं.’’













QuickLY