मुंबई, 21 जून बंबई उच्च न्यायालय ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को बुधवार को निर्देश दिया कि वह शिवसेना (यूबीटी) के विधायक रवींद्र वायकर को उपनगरीय जोगेश्वरी में एक लक्जरी होटल बनाने की अनुमति रद्द करने के उसके (नगर निकाय के) आदेश पर कोई कार्रवाई न करे।
न्यायमूर्ति एस बी शुकरे के नेतृत्व वाली एक खंडपीठ ने मामले में दो सप्ताह की अवधि के लिए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जब वह वायकर द्वारा बीएमसी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी।
पीठ ने वायकर की अपनी याचिका में यह आरोप लगाने के लिए भी निंदा की है कि चूंकि वह एक ऐसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित हैं जो सत्ताधारी सरकार की प्रतिद्वंद्वी है, इसलिए उन्हें कोई न्याय नहीं मिलेगा।
अदालत ने कहा, ‘‘मुद्दे का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया जा रहा है...क्यों? आपको (वायकर) याचिका में राजनीतिक आरोपों संबंधी बयानों का उल्लेख नहीं करना चाहिए था।’’
पीठ ने बीएमसी को वायकर की याचिका पर दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
वायकर ने अपनी याचिका में बीएमसी के 15 जून के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि 2020-21 में तय प्रक्रिया का पालन करने के बाद उन्हें अनुमति दी गई थी।
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