देश की खबरें | दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स मिला, मृतक संख्या बढ़कर 18 हुई, जांच जारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोझिकोड हवाईअड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस के विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है, जिससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शुक्रवार को यहां हवाईपट्टी पर विमान कैसे फिसला और दुर्घटना क्यों हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
कोझिकोड (केरल), आठ अगस्त कोझिकोड हवाईअड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस के विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है, जिससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शुक्रवार को यहां हवाईपट्टी पर विमान कैसे फिसला और दुर्घटना क्यों हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वहीं, दुर्घटना में घायल एक और व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़ कर शनिवार को 18 हो गई।
इस बीच, दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है। एयरलाइन और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के शीर्ष अधिकारी यहां पहुंच रहे हैं। नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी उत्तरी केरल के इस शहर में पहुंच गये और उन्होंने स्थिति एवं राहत कार्यों का जायजा लिया।
उल्लेखनीय है कि दुबई से आ रहा एअर इंडिया एक्सप्रेस (एआईई) का एक विमान शुक्रवार शाम सात बजकर 40 मिनट पर भारी बारिश के बीच कोझिकोड हवाईअड्डे पर उतरने के दौरान हवाईपट्टी से फिसल कर 35 फुट गहरी खाई में जा गिरा और उसके दो टुकड़े हो गए। विमान में 190 लोग सवार थे।
राज्य सरकार ने कहा कि विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत 149 घायलों में 23 की हालत नाजुक है जबकि शनिवार को एक और व्यक्ति की मौत हो जाने से इस विमान दुर्घटना में मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़ कर 18 हो गई है।
पुरी ने ट्वीट किया, “दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान का डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) बरामद कर लिया गया है। एएआईबी (विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो) इसकी जांच कर रहा है।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह “नागर विमानन के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों” के साथ विचार-विमर्श करेंगे। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। इस दुर्घटना में मरने वाले लोगों में दोनों पायलट भी शामिल हैं।
पुरी ने हादसे में मारे गए लोगों को 10-10 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को दो-दो लाख रुपए और मामूली रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपए की अंतरिम राहत दिए जाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि यह मुआवजा उस राशि के अलावा दिया जाएगा, जो विभिन्न एजेंसियों, विमान के बीमा इत्यादि से मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान बोइंग 737 के मुख्य पायलट दीपक वसंत साठे भारतीय वायुसेना के एक पूर्व विंग कमांडर थे। वह सर्वाधिक अनुभवी कमांडरों में एक थे जिनके पास 10,000 घंटों की उड़ान का अनुभव था। उन्होंने अतीत में कारीपुर हवाईअड्डे पर 27 बार विमान उतारा था।
केरल सरकार ने मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।
विजयन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य सरकार ने मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का निर्णय किया है। जिन लोगों का उपचार चल रहा है, उनके इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।’’
मलप्पुरम के जिलाधिकारी के. गोपालकृष्णन ने यहां संवाददाताओं को बताया कि हादसे में घायल हुए एक और यात्री की मौत हो जाने से कुल मृतक संख्या शनिवार को बढ़ कर 18 हो गई है।
उनके द्वारा जारी आधिकारिक सूची के मुताबिक, चार मृतक बच्चे हैं--जिनमें तीन लड़कियां और एक साल का एक लड़का है। मृतक सूची में सात पुरूष एवं अन्य महिलाएं हैं। दो लड़कियों की उम्र दो साल है जबकि तीसरी लड़की की उम्र पांच साल है।
मुख्यमंत्री विजयन ने यहां उच्च स्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि अभी 149 लोगों का मलप्पुरम एवं कोझिकोड जिलों के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें 23 की हालत नाजुक है। शुरूआती चिकित्सा के बाद 23 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
वह राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के साथ कोझिकोड मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में घायलों को देखने पहुंचे।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक अधिकारी ने कहा कि डीएफडीआर और सीवीआर (जिन्हें संयुक्त रूप से किसी विमान का ब्लैक बॉक्स कहा जाता है) एएआईबी के पास हैं और इन्हें आगे की जांच के लिये दिल्ली भेजा जाएगा।
सीवीआर में विमान के कॉकपिट में होने वाली सभी बातचीत की रिकार्डिंग रहती है और डीएफडीआर में उड़ान के डेटा दर्ज रहते हैं जैसे कि विमान की गति, ऊंचाई और ईंधन का प्रवाह आदि। इनका विश्लेषण कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
इस बीच, विमान दुर्घटना में मरने वाले एक यात्री के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद स्थिति और विकट हो गई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा ने बचाव अभियान में जुटे सभी लोगों से एहतियान पृथक-वास में रहने और अपनी जांच कराने को कहा है।
पुर ने दुर्घटना के कारणों पर संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए मीडिया से अटकलें नहीं लगाने की अपील की क्योंकि जांच के लिये जरूरी डेटा विमान के ब्लैक बॉक्स में हैं और जांच से ही दुर्घटना के कारण का पता चल सकेगा।
मंत्री ने कहा, ‘‘हवाईअड्डा प्राधिकरण, डीजीसीए, एएआईबी सहित प्रणाली के सभी हिस्से तथा अन्य एजेंसियां सहयोग कर रही हैं, ब्लैक बॉक्स बरामद हो गया है। ’’
उन्होंने मृतकों के परिजनों को यह भरोसा भी दिलाया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के अंतरराष्ट्रीय समझौते के अनुरूप मुआवजा दिलाने के लिये कदम उठाये जाएंगे।
पुरी ने कहा , ‘‘हम मुश्किल स्थिति से निकलने के लिये और मृतक यात्रियों के परिवारों को हर संभव मदद मुहैया करने के लिये तथा घायलों को हर तरह की सहायता पहुंचाने के लिये राज्य एवं केंद्रीय मशीनरी के साथ करीबी रूप से काम कर रहे हैं। ’’
इससे पहले, वह विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन और अन्य के साथ दुर्घटना स्थल पर गये।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर मुरलीधरन नयी दिल्ली से आज सुबह यहां पहुंचे और उन्हें एअर इंडिया तथा भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के अधिकारियों ने जानकारी उपलब्ध कराई।
मुख्यमंत्री विजयन ने यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें राज्यपाल खान भी शामिल हुए। उन्होंने संवाददातओं से कहा कि दुर्घटना में मरने वाले लोगों की कोविड-19 जांच कराई जाएगी। अभी तक सिर्फ एक मृतक के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना के बाद हवाईअड्डे के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों और स्थानीय प्रशासन की फौरी प्रतिक्रिया की सराहना की, जिन्होंने इतने बड़े हादसे में कम से कम लोगों के हताहत होने को सुनिश्चित किया।
इस बीच, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि उड़ान के चार क्रू सदस्य सुरक्षित हैं, जबकि एयरलाइन के कर्मचारी संगठन ने कहा कि दुर्घटना में घायल होने को लेकर यहां अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
एआईई ने कहा कि मृतक पायलटों के परिवारों को कोझिकोड ले जा गया है।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि दुर्घटना में प्रभावित हुए यात्रियों एवं परिवार के सदस्यों की सहायता के लिये तीन राहत उड़ानों का इंतजाम किया गया है।
इस दुर्घटना ने 22 मई 2010 को मंगलुरू हवाईअड्डे पर हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX 812 की यादें ताजा कर दी। इस हादसे में 158 लोग मारे गये थे। वह हादसा भी कोझिकोड की तरह ही हुआ था।
एअर इंडिया ने ट्वीट किया कि इसके अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजीव बंसल और एअर इंडिया एक्सप्रेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के श्याम सुंदर तथा अन्य कोझिकोड में घटनास्थल पर गये तथा उन्हें विशेषज्ञ दुर्घटना की जानकारी दे रहे हैं।
हवाईअड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि दुर्घटना की जांच की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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