देश की खबरें | भाजपा की हिमाचल इकाई के नेताओं को मृतक के परिवार से मिलने से रोका गया, पार्टी निकालेगी रैलियां

शिमला, 16 जून हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजीव बिंदल को चंबा के सलूनी कस्बे में उस व्यक्ति के परिवार से मिलने से रोक दिया गया, जिसकी हाल में हत्या कर दी गई थी। पार्टी ने इसके विरोध में पूरे राज्य में रैलियां निकालने की घोषणा की है।

पुलिस ने भाजपा नेताओं को राज्य की राजधानी से लगभग 380 किलोमीटर दूर सलूनी उपसंभाग में चामेरा बांध पर रोक दिया।

राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला ने एक बयान में कहा कि जघन्य अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इस बीच, सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा पर क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा की अवहेलना करके जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

सलूनी में भांजी से प्रेम-प्रसंग के चलते 28 वर्षीय मनोहर नामक व्यक्ति की हत्या करने के आरोपी मुसाफिर हुसैन के घर पर बृहस्पतिवार को भीड़ ने आग लगा दी, जिसके बाद इलाके में निषेधाज्ञा लागू की गई।

लापता होने के दो दिन बाद आठ जून को सलूनी के बंदल पंचायत में नाले में मनोहर का कई टुकड़ों में कटा हुआ शव मिला था। पुलिस ने कहा कि उसने हुसैन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य गिरफ्तार लोगों में हुसैन की पत्नी फरीदा और शब्बीर नामक व्यक्ति शामिल हैं।

मनोहर के परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भाजपा नेताओं ने डलहौजी में जनसभा को संबोधित किया और ऐलान किया कि पार्टी इस मुद्दे पर शनिवार को सभी 12 जिला मुख्यालयों में रैलियां आयोजित करेगी।

बिंदल और ठाकुर ने सभा को संबोधित करते हुए पीड़ित के परिवार से नहीं मिलने देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधा।

ठाकुर ने मामले की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा, “हम मृतक के परिवार को सांत्वना देने और उनमें विश्वास जगाने आए थे। अगर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने परिवार से मुलाकात की होती, तो ये हालात पैदा नहीं होते।”

इस मुद्दे पर भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए, कैबिनेट मंत्रियों जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर और अनिरुद्ध सिंह ने शिमला में एक संयुक्त बयान जारी कर भाजपा पर घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

मंत्रियों ने कहा कि पुलिस ने तुरंत मामले में प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद इलाके में प्रवेश करके पुलिस जांच में बाधा डाल रहे हैं।

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