इंदौर, 18 जून मध्यप्रदेश के इंदौर में वर्ष 2020 के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत गिरफ्तारी के बाद जेल जा चुके एक पुराने बदमाश (हिस्ट्रीशीटर) की पत्नी को दिया गया पार्षद का विवादास्पद टिकट सत्तारूढ़ भाजपा ने 24 घंटे के भीतर शनिवार को वापस ले लिया।
प्रदेश भाजपा इकाई के एक शीर्ष पदाधिकारी ने कहा कि इस महिला के परिवार की "आपराधिक पृष्ठभूमि" का पता चलने पर "शून्य सहनशीलता’’ की नीति के तहत यह कदम उठाया गया।
गौरतलब है कि भाजपा ने स्थानीय बदमाश युवराज उस्ताद की पत्नी स्वाति काशिद को शुक्रवार को घोषित सूची में इंदौर के वॉर्ड क्रमांक 56 से पार्षद पद का प्रत्याशी बनाया था। बहरहाल, इस फैसले पर सवाल उठने के बाद भाजपा ने अगले ही दिन उनसे टिकट वापस लेते हुए इस अनारक्षित वॉर्ड से गजानंद गावड़े को अपना उम्मीदवार घोषित किया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुप्रसाद शर्मा ने एक बयान में कहा,‘‘मुख्यमंत्री और पार्टी संगठन के संज्ञान में लाया गया कि स्वाति काशिद के परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। भाजपा नेतृत्व ने इस सिलसिले में शून्य सहनशीलता की नीति पर चलते हुए उनसे पार्षद का टिकट वापस ले लिया।’’
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि काशिद के पति युवराज काशिद पर गुजरे बरसों में हत्या और अन्य संगीन आरोपों को लेकर इंदौर जिले में अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि "युवराज उस्ताद" के रूप में कुख्यात युवराज काशिद को कमलनाथ की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2020 के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
उन्होंने बताया कि रासुका की कार्रवाई से पहले माफिया विरोधी अभियान के दौरान इंदौर नगर निगम ने शहर में युवराज के आलीशान मकान को अवैध निर्माण के कारण जमींदोज कर दिया था।
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