बेंगलुरु, तीन जनवरी कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक हिंदू कार्यकर्ता की हाल में हुई गिरफ्तारी के खिलाफ बुधवार को राज्य में विरोध प्रदर्शन किया। वहीं राज्य की कांग्रेस सरकार ने अपनी कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि वह व्यक्ति कई आपराधिक मामलों में संदिग्ध है।
हुबली-धारवाड़ पुलिस ने चार दिन पहले लंबित मामलों के सिलसिले में श्रीकांत पुजारी (51) को गिरफ्तार किया था। पुजारी ने 31 साल पहले कथित तौर पर राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लिया था।
हाल ही में, कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने पुलिस को लंबित मामलों में कार्रवाई का निर्देश दिया था। पुजारी को 1992 में हुबली में हुए बलवे के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक समेत भाजपा के कई नेताओं को विरोध प्रदर्शन के दौरान एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान 'जय श्री राम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए गए।
भाजपा द्वारा कारसेवक बताए जा रहे श्रीकांत पुजारी को दिसंबर 1992 में उत्तरी कर्नाटक के हुबली में हिंसा के एक मामले में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा था कि गिरफ्तारी काफी समय से लंबित मामलों में आरोपी व्यक्तियों का पता लगाने की एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा थी।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेताओं को यह समझने की जरूरत है कि अपराधियों को जाति व धर्म की आड़ देना बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा, "यदि किसी भी भाजपा नेता में थोड़ी भी बुद्धि है, तो उन्हें कृपया हुबली के इस व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की सूची पढ़नी चाहिए और फिर तय करना चाहिए कि उसके लिए लड़ना है या नहीं। चूंकि हिंदू आबादी में बहुसंख्यक हैं, इसलिए जेलों में भी उनकी तादाद ज्यादा है। क्या इसका यह मतलब है कि भाजपा को उन सभी के लिए लड़ना चाहिए क्योंकि वे हिंदू हैं?"
अशोक, विधायक अरविंद बेलाड और भाजपा के कई अन्य शीर्ष पदाधिकारियों ने हुबली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। जब उन्होंने हुबली-धारवाड़ पुलिस आयुक्त रेणुका सुकुमार के कार्यालय की ओर मार्च किया तो उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।
पत्रकारों से बात करते हुए, अशोक ने कहा कि पार्टी पुजारी के खिलाफ मामला वापस लेने और उसे रिहा करने तक शहर में अपना आंदोलन जारी रखेगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि चार विधायकों समेत करीब 90 से 100 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुजारी के खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज हैं।
बेंगलुरु में भाजपा के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने किया, जिन्होंने बाद में पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल थावरचंद गहलोत को एक ज्ञापन सौंपा।
सिद्धरमैया ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए थी कि एक राष्ट्रीय पार्टी को एक संदिग्ध अपराधी का बचाव करना पड़े।
उन्होंने राज्य के भाजपा नेताओं से अपील की कि वे भगवान और धर्म के नाम पर ओछी राजनीति करना बंद करें और जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कार्य करने का प्रयास करें।
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद ने बुधवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान दर्ज झूठे मामले में कार्रवाई करने की साजिश रच रही है।
विहिप के केंद्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा, "ऐसे मामले जो 30-35 साल पुराने हैं, जिनमें फंसाए गए कई लोगों की मौत हो चुकी है। उनमें बचे 70- 80 साल की आयु के लोगों को फंसाया जा रहा है।"
उन्होंने पूछा, “क्योंकि वे मामले फर्जी थे, इसलिए कुछ सरकारों ने बाद में उन्हें रद्द कर दिया... इन सभी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर कांग्रेस सरकार क्या साबित करना चाहती है? "
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