बेंगलुरु, 28 फरवरी बेंगलुरू से भाजपा विधायकों और सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात की और शहर के विकास के लिए राज्य के आगामी बजट में अधिक धनराशि आवंटित करने की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शहर के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 150 करोड़ रुपये के आवंटन की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने मेट्रो किराये में वृद्धि पर पुनर्विचार करने, पहली बार के विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए धन का आवंटन तथा बृहद बेंगलुरू महानगरपालिका (बीबीएमपी) का चुनाव शीघ्र कराने का आग्रह किया।
सिद्धरमैया के पास वित्त विभाग भी है। वह सात मार्च को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करने वाले हैं। यह उनका 16वां बजट होगा।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘बेंगलुरु से हमारे सभी विधायकों, सांसदों, विधानपरिषद सदस्यों और जिला अध्यक्षों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तथा अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में और धनराशि आवंटित किये जाने का आग्रह किया।’’
उन्होंने बताया कि मुलाकात के बाद, यहां संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के बी एस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई के मुख्यमंत्री रहने के दौरान बेंगलुरू के विकास के लिए बीबीएमपी को प्रत्येक बजट में 6,000 से 8,000 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरु के लिए पिछले दो बजट में इस तरह का कोई आवंटन नहीं किया गया, इसलिए हम आगामी बजट में बेंगलुरू शहर के लिए 6,000 से 8,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का अनुरोध करते हैं।’’
प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि फ्लाईओवर और अन्य परियोजनाएं धीमी गति से आगे बढ़ रही हैं, ऐसे में उन्हें और धन राशि आवंटित कर इन परियोजनाओं को पूरा करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
विजयेंद्र ने बताया कि सिद्धरमैया के साथ बैठक के दौरान बेंगलुरू से सांसद पी सी मोहन और तेजस्वी सूर्या ने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री हाल ही में बढ़ाए गए मेट्रो किराये को कम करने के लिए किराया निर्धारण समिति को आवश्यक निर्देश दें।
विजयेंद्र ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पार्टी बीबीएमपी को कई नगर निकायों के रूप में विभाजित करने के प्रस्ताव पर चर्चा करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘वृहद बेंगलुरु प्राधिकरण के गठन का हवाला देकर बीबीएमपी चुनाव स्थगित नहीं किया जाना चाहिए।’’
पिछले साल जुलाई में वृहद बेंगलुरु शासन विधेयक को शिवाजीनगर से कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद की अध्यक्षता वाली संयुक्त प्रवर समिति को भेजा गया था। समिति ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष यू टी खादर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, आईटी शहर को कई नगर निगमों में विभाजित किया जा सकता है, जो बीबीएमपी का स्थान लेंगे।
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