नासिक, 31 दिसंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आध्यात्मिक शाखा के एक पदाधिकारी ने शनिवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजीत पवार ने छत्रपति संभाजी महाराज को ''धर्मवीर'' नहीं कहकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
भाजपा के पदाधिकारी ने मांग की कि पवार या तो माफी मांगें या महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा दे दें।
भाजपा की आध्यात्मिक आघाड़ी के पदाधिकारी तुषार भोसले ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज हिंदू समुदाय का गौरव हैं।
तुषार भोसले ने कहा, ‘‘ शुक्रवार को राज्य विधानसभा में अजीत पवार ने कहा था कि संभाजी महाराज 'धर्मवीर' (धर्म के रक्षक) नहीं थे। नेता प्रतिपक्ष का पद सदन में जनता के विचार रखने के लिए होता है, लेकिन अजीत पवार ने अपने इस बयान से जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।’’
भोसले ने राकांपा नेता पवार पर संभाजी महाराज का "अपमान" करने का आरोप लगाते हुए उनसे नैतिक आधार पर माफी मांगने या विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा देने की मांग की।
भाजपा नेता ने आश्चर्य जताया कि क्या शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे अजीत पवार की इस टिप्पणी की निंदा करेंगे।
छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े बेटे छत्रपति संभाजी महाराज को 1689 में मुगल बादशाह औरंगज़ेब के आदेश पर पकड़ लिया गया था और यातना देकर मार डाला गया था।
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