रांची, 15 फरवरी उद्योगपति सी के बिड़ला ने शनिवार को कहा कि प्रौद्योगिकी संस्थान बीआईटी, मेसरा राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर अनुसंधान और प्रौद्योगिकी में अपने निवेश को जारी रखेगा।
संस्थान की स्थापना 1955 में उद्योगपति बी एम बिड़ला ने की थी।
सी के बिड़ला ने यहां बीआईटी, मेसरा की ‘प्लेटिनम जुबली’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पिछले सात दशकों के दौरान बीआईटी ने न केवल शिक्षा के बदलते परिदृश्य को अपनाया है, बल्कि भारत के पहले अंतरिक्ष इंजीनियरिंग और रॉकेट विभाग की स्थापना से लेकर उद्योग-संचालित पाठ्यक्रमों को शुरू करने का मार्ग भी प्रशस्त किया है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान ने हाल ही में परिमाणात्मक अर्थशास्त्र (क्वांटेटिव इकोनॉमिक्स) और डेटा विज्ञान को शामिल करते हुए एक नया पाठ्यक्रम तैयार किया है जो देश में अपनी तरह का पहला है।
सी के बिड़ला समूह के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘शोध और प्रौद्योगिकी में हमारा निरंतर निवेश राष्ट्र निर्माण के लिए बीआईटी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।’’
बिड़ला ने कहा, ‘‘हमारे पास 20 से अधिक विषय हैं, जिनमें 10,000 से अधिक विद्यार्थी और 600 से अधिक संकाय सदस्य हैं, हमें दुनिया भर में मौजूद अपने 50,000 पूर्व विद्यार्थियों के समूह पर बहुत गर्व है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY