हैदराबाद, 14 जुलाई बायोफोर इंडिया फार्मास्युटिकल्स को भारतीय औषिधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा के औषधिक रसायन (एपीआई) ‘फेविपिराविर’ के विनिर्माण का लाइसेंस मिल गया है। इसके यौगिक (फॉर्म्यूलेशन) से तैयार होने वाली दवा कोरोना वायरस के मामूली से लेकर आंशिक लक्षणों वाले मरीजों के इलाज में प्रयोग की जा रही है।
डीसीजीआई ने कंपनी को इसके निर्यात की भी अनुमति दे दी है।
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इसके अलावा कंपनी को तुर्की में एक स्थानीय साझेदार के साथ एपीआई को निर्यात करने का भी लाइसेंस मिला है।
बायोफोर इंडिया ने कहा कि वह भारत में इन उत्पादों के वाणिज्यीकरण के लिए कई भारतीय कंपनियों से बात कर रही है। वहीं वह निर्यात के लिए बांग्लादेश और मिस्र की कंपनियों से भी बातचीत कर रही है।
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बायोफोर के संस्थापक और मुख्य शोध अधिकारी मानिक रेड्डी ने कहा कि कोविड-19 महामारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में दवा कंपनियों को अपनी गतिविधियां तेज कर सुरक्षा से कोई समझौता किये बिना जल्द से जल्द इसका समाधान विकसित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बायोफोर फेरिपिराविर को बनाने में सर्वोच्च गुणवत्ता मानक सुनिश्चित करेगी।
रेड्डी ने कहा कि उनकी कंपनी के संयंत्र अमेरिका और यूरोपीय संघ के सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं। वहीं कंपनी की अशुद्धता को नियंत्रित करने और गुणवत्ता मानकों की जांच परख की अपनी नीति है।
फेरिपिराविर एक एंटी वायरल दवा है। इसका विकास आरएनए वायरस जैसे इंफ्लूएंजा वायरस के इलाज के तौर पर किया गया था। भारत और तुर्की के अलावा रूस एवं कुछ पश्चिमी एशियाई देशों ने भी इसे कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।
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