पूर्णिया, 10 फरवरी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को खुलासा किया कि उन्होंने एक वरिष्ठ आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी के साथ उसके वरीय अधिकारी के कथित दुर्व्यवहार की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है।
कुमार ने हालांकि, सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करने के लिए पीड़ित अधिकारी को फटकार भी लगाई।
अपनी "समाधान यात्रा" के हिस्से के रूप में पूर्णिया जिला पंहुचे मुख्यमंत्री अग्निशमन विभाग के वर्तमान महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव और अग्निशमन सेवा एवं होमगार्ड की महानिदेशक शोभा अहोतकर के बीच विवाद के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने संबंधित अधिकारियों से मामले की पड़ताल करने और अपने निष्कर्षों से मुझे अवगत कराने को कहा है। लेकिन यह बेहद अनुचित है कि कोई अधिकारी अपने वरिष्ठों के समक्ष विवाद को रखने के बजाय ट्वीट करना पसंद करता है। यह सेवा नियमों के खिलाफ है।"
वैभव ने किसी का नाम लिये बिना ‘‘डीजी मैडम’’ के अपमानजनक व्यवहार की शिकायत की थी और दावा किया था कि उन्होंने इस तरह की एक घटना को "रिकॉर्ड" भी किया है। हालांकि वैभव ने बाद में ट्वीट हटा दिये थे।
वहीं, दोनों अफसरों ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात नहीं की है। वैभव वर्ष 2003 बैच और अहोतकर 1990 बैच की आईपीएस हैं।
हालांकि, राज्य में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वैभव के पीछे खड़ी दिख रही है और उसने इसे "बिहार के गौरव का अपमान" से जोड़ा है। अहोतकर महाराष्ट्र की निवासी हैं।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा, "आईएएस केके पाठक ने मानसिक तनाव और हताशा में होने के सबूत दिये थे और अब आईपीएस शोभा अहोतकर भी अत्यधिक मानसिक तनाव और हताशा में हैं।"
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी पाठक हाल ही में एक बैठक में अपनी टिप्पणी को लेकर खबरों में थे। उत्तर प्रदेश में जन्मे पाठक का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया था जिसमें वह बिहार और यहां के वासियों को लेकर टिप्पणी करते दिखे थे।
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