नयी दिल्ली, चार जुलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की सहायता के वास्ते भाजपा द्वारा किये गये राहत कार्यों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए शनिवार को कहा कि यह ‘‘इतिहास का सबसे बड़ा सेवा यज्ञ’’ है।
‘सेवा ही संगठन’ की ऑनलाइन बैठक में सात राज्यों के भाजपा अध्यक्षों ने उनके द्वारा किए गए राहत कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत कीं। बैठक में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने आगाह किया कि कोविड-19 का खतरा बना हुआ है और त्योहार का मौसम शुरू होने वाला है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और जागरुकता फैलाने को कहा।
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किसी राजनीतिक दल के लिए जनता की सेवा के मूल्यों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अन्य दलों के लिए संगठन केवल चुनाव जीतने का औजार हो सकता है लेकिन भाजपा के लिए यह ऐसा नहीं है।
मोदी ने कहा कि जिस वक्त सभी लोग खुद को बचाने में व्यस्त हैं, उस समय भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुद को गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कोविड-19 महामारी के दौरान कल्याणकारी कार्य करने के लिए जोखिम ले रहे हैं और कुछ ने तो अपनी जान गंवा दी।
मोदी ने कहा, ‘‘भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोविड-19 के संकट के दौरान इतने लंबे समय तक और इतने बड़े स्तर पर जो देशव्यापी कल्याणकारी काम किये हैं, वह इतिहास में सबसे बड़ा ‘सेवा यज्ञ’ है।’’
जनता की सेवा को भाजपा का दर्शन बताते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता, जनता की सेवा का माध्यम है, लाभ पाने का नहीं।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने गरीबों और पिछड़े वर्गों को सशक्त किया है तथा उसके 52 अनुसूचित जाति के सांसद , 43 अनुसूचित जनजाति के सांसद तथा 113 ओबीसी सांसद इस बात का प्रमाण हैं।
मोदी ने कहा कि जनता की सेवा करना भाजपा के राष्ट्रवादी कार्यों का हिस्सा है और भाजपा कार्यकर्ता के लिए देश प्रथम है और सबसे पहले आता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी के मूल्यों में राष्ट्रवाद अंतर्निहित है।
उन्होंने पार्टी नेताओं से संगठन के कल्याणकारी कार्यों पर डिजिटल पुस्तिकाएं तैयार करने और 25 सितंबर को पार्टी संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर इन्हें निकालने को कहा।
मोदी ने कहा कि ये पुस्तिकाएं तीन ओं- हिंदी, अंग्रेजी और राज्य की मातृ में होनी चाहिए।
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