देश

पीएम मोदी का लेह अस्पताल दौरा: तस्वीर पर उठे सवाल पर रक्षा मंत्रालय ने दिया ये जवाब

रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा गया है तीन जुलाई को लेह के जनरल अस्पताल दौरे को लेकर पीएम मोदी पर कुछ लोगों द्वारा दुर्भावनापूर्ण और निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं.

पीएम मोदी का लेह अस्पताल दौरा: तस्वीर पर उठे सवाल पर रक्षा मंत्रालय ने दिया ये जवाब
सेना के जवानों से मिलते हुए पीएम मोदी (Photo Credit: PIB)

नई दिल्ली: भारत और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद पीएम (PM Modi) मोदी शुक्रवार को अचानक से लेह का दौरा किया. जहां पर उन्होंने सेना के जवानों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया. अपने दौरे के दौरान उन्होंने लेह के जिस अस्पताल में घायल जवानों का इलाज चल रहा है. इस अस्पताल का दौरा कर उनका हाल जाना. उनके दौरे के दौरान अस्पताल में ली गई उनकी तस्वीर को सोशल मीडिया (Social Media) पर तस्वीर वायरल होने के बाद तरफ-तरफ के सवाल पूछ रहे थे. जिन सवालों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्रालय (Defence  Ministry) की तरफ से सफाई दी गई है.

इस पूरे मामले को लेकर रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी करते हुए इन सभी आरोपों को बेबुनियाद और लगत बताया गया है. रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया है 3 जुलाई को लेह के जनरल अस्पताल (General Hospital) दौरे को लेकर प्रधानमंत्री पर कुछ लोगों द्वारा दुर्भावनापूर्ण और निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं. ऐसे में यहां यह स्पष्ट करना होगा कि प्नेरधानमंत्री ने जहां का दौरा किया, वह अस्पताल का एक हिस्सा है. वहीं कहा गया कि यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सशस्त्र बलों के साथ कैसे व्यवहार किया जाता है, इसको लेकर शक किया जा रहा है. सशस्त्र बल अपने कर्मियों को सर्वोत्तम उपचार देते हैं. वहीं सफाई में कहा गया है कि जिस सुविधा का पीएम ने दौरा किया था, वह जनरल अस्पताल का हिस्सा है. कोरोना महामारी को देखते हुए यहां सौ बिस्तरों का प्रबंधन किया गया था. यह भी पढ़े: पीएम मोदी ने गलवान घाटी में घायल हुए सैनिकों से लेह के अस्पताल में की मुलाकात, बोले, ‘दुनिया के किसी भी ताकत के सामने न कभी झुके हैं न कभी झुकेंगे’

वहीं रक्षा मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया कि इन बहादुर जवानों को गलवान  घाटी से लौटने के बाद यहां रखा गया था ताकि इन्हें कोविड क्षेत्रों से दूर रखा जा सके और इनका अच्छी तरह से इलाज किया जा सके. मंत्रालय  की तरफ से यह भी कहा गया भारत और चीनी सेना के बीच झड़प में घायल हुए  बहादुरजवानों को उसी स्थान पर  सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे और सेना के कमांडर ने भी उसी मुलाकात की थी.

बता दें कि 15-16 जून की रात भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के बीस जवान शहीद हो गए थे. जिन घायल जवानों का हाल जानने के साथ ही उनका हौसला बढ़ाने के लिए शुक्रवार को अचानक से अस्पताल का दौरा किया.

 

 

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 04, 2020 10:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).