सोमवार, 27 अक्टूबर की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

स्वागत है DW हिन्दी के लाइव ब्लॉग पर, जहां दिनभर की तमाम ब्रेकिंग न्यूज और अपडेट्स हम एक साथ पेश करते हैं ताकि आपको सारी बड़ी और जरूरी खबरें एक साथ मिल जाएं.- ट्रंप बोले, पुतिन मिसाइल टेस्ट की बजाय युद्ध खत्म करने पर ध्यान दें

- अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश

- कैलाश विजयवर्गीय का महिला क्रिकेटरों को लेकर विवादित बयान

- ट्रंप जैसी विचारधारा वाले मिलेई ने अर्जेंटीना में जीता मध्यावधि चुनाव

इस बार ज्यादा खास क्यों होंगी आसमान को रोशन करने वालीं नॉर्दर्न लाइट्स

सूरज में हाल ही में बढ़ी गतिविधियों के कारण इस सर्दी में ऑरोरा बोरेलिस यानी नॉर्दर्न लाइट्स अपने पिछले दस सालों में सबसे बेहतरीन तरह से दिखाई देंगी. पिछले साल नासा ने पुष्टि की थी कि सूरज अपनी 11 साल के सौरचक्र की चरम अवस्था में पहुंच रहा है, जो मार्च 2026 तक जारी रहने की संभावना है. नासा के स्पेस वेदर प्रोग्राम के निदेशक जैमी फैवर्स ने यूरो न्यूज को बताया कि इस समय सूरज में धब्बों की संख्या और सौर गतिविधि बढ़ जाती है.

सौर गतिविधि से न केवल अंतरिक्ष के मौसम पर असर पड़ता है, बल्कि यह सैटेलाइट, रेडियो, जीपीएस और पृथ्वी के बिजली नेटवर्क को भी प्रभावित कर सकती है. साथ ही, इस गतिविधि के कारण नॉर्दर्न लाइट्स की विजिबिलिटी भी बढ़ जाती है. इसी वजह से इस सर्दी में कई लोग केवल ऑरोरा देखने के लिए खासे उत्सुक हैं.

एजेंसी ईस्काई ग्रुप के जारोस्लाव ग्राब्जक के अनुसार, नॉर्दर्न लाइट्स इस दशक के सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले यात्रा अनुभवों में शामिल हो चुकी है. उन्होंने बताया कि इस “बकेट‑लिस्ट इवेंट” के कारण प्रमुख देशों में यात्रा की मांग अचानक असाधारण रूप से बढ़ गई है. यात्रियों ने इसके लिए एक साल पहले ही बुकिंग करवा ली है, जबकि आम तौर पर यह नॉर्दर्न लाइट्स दिखने के केवल कुछ महीने पहले ही शुरू होती थीं. छोटे शहरों और दूरदराज क्षेत्रों में सीमित आवास की वजह से विशेषज्ञ यात्रियों से समय से योजना बनाने की सलाह दे रहे हैं.

श्रेयस अय्यर की स्प्लीन में लगी चोट, ऑस्ट्रेलिया में हो रहा इलाज

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए भारतीय क्रिकेटर श्रेयस अय्यर तीसरे मैच के दौरान चोटिल हो गए, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया में ही उनका इलाज चल रहा है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी है. बीसीसीआई ने बताया है कि अय्यर के स्प्लीन (तिल्ली) में चोट आई है और उनकी चोट की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.

शनिवार, 25 अक्टूबर को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान, श्रेयस अय्यर ने एक अच्छा कैच पकड़ा था, लेकिन इस दौरान कोहनी और पसली के बल गिरने की वजह से उनकी दायीं ओर की निचली पसलियों में चोट आई. इसके बाद मेडिकल स्टाफ की मदद से वे कराहते हुए मैदान से बाहर गए थे.

बीसीसीआई के मुताबिक, चोट लगने के बाद उन्हें आगे की जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां स्कैनों में सामने आया कि उनकी स्प्लीन (तिल्ली) में चोट आई है. बीसीसीआई ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया है कि अय्यर का इलाज चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है और वे अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं. बीसीसीआई ने यह भी कहा है कि भारतीय टीम के डॉक्टर सिडनी में श्रेयस के साथ रुकेंगे.

ट्रंप बोले, पुतिन मिसाइल टेस्ट की बजाय युद्ध खत्म करने पर ध्यान दें

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को रूस के मिसाइल परीक्षण की निंदा करते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि उन्हें मिसाइलें टेस्ट करने की बजाय यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर ध्यान देना चाहिए. एशिया दौरे के दौरान, एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस का यह परीक्षण “उचित नहीं है.”

ट्रंप ने आगे कहा, “उन्हें युद्ध को खत्म करना चाहिए. ऐसा युद्ध जो केवल एक हफ्ते में खत्म होना चाहिए था, अब लगभग चौथे साल में प्रवेश कर चुका है. मिसाइलें टेस्ट करने की बजाय यही करना चाहिए.”

यह टिप्पणी रूस द्वारा 9एम730 बुरेवेस्टनिक नामक नई मिसाइल के परीक्षण के एक दिन बाद आई है. यह जमीन से लॉन्च होने वाली, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइल है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और इसका इंजन भी परमाणु ऊर्जा से चलता है. इस मिसाइल का नाम- बुरेवेस्टनिक, एक फुर्तीली मगर छोटी चिड़िया के नाम पर पड़ा. नाटो में इस मिसाइल को SSC-एक्स-9 स्काईफॉल कहा जाता है.

ट्रंप जैसी विचारधारा वाले मिलेई ने अर्जेंटीना में जीता मध्यावधि चुनाव

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति हाविएर मिलेई की पार्टी ला लिबर्ताद आवांसा ने संसद के निचले सदन के चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की है. समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस और रॉयटर्स ने यह जानकारी दी है. यह चुनाव उनके पिछले दो साल के कार्यकाल पर जनता की राय जैसा माना जा रहा था, जैसे उनकी अग्नि परीक्षा. उनकी नई पार्टी ला लिबर्ताद आवांसा ने 40 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए, जबकि वामपंथ की तरफ झुकाव वाली पेरेनिज्म पार्टी को केवल 31 प्रतिशत वोट मिले. यह आंकड़ा विशेषज्ञों के अनुमानों से भी अधिक था.

मिलेई अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं और दोनों की विचारधारा भी मेल खाती है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी और गठबंधन ने सीनेट में 14 सीटें और निचले सदन में 64 सीटें जीत ली हैं. इससे उनकी सरकार को विधानमंडल में पर्याप्त समर्थन मिला है, जिससे राष्ट्रपति के वीटो को बरकरार रखना और महाभियोग प्रयासों को रोकना आसान हो जाएगा.

रविवार रात ब्यूनस आयरेस में पार्टी मुख्यालय में मिलेई ने समर्थकों के सामने कहा, “अर्जेंटीना की जनता ने 100 वर्षों के पतन को पीछे छोड़ने का फैसला किया है.” उन्होंने आगे कहा, “आज हमने एक अहम मोड़ पार कर लिया. आज से एक ‘ग्रेट’ अर्जेंटीना का निर्माण शुरू होता है.”

उन्होंने इस जीत को खर्च कटौती, कर और श्रम सुधार जैसे बड़े बदलाव लागू करने के लिए जनता का स्पष्ट समर्थन बताया और यह परिणाम उन्हें 2027 में फिर से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनने का अवसर भी देगा.

अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस सूर्यकांत के नाम की सिफारिश की है. इसके साथ ही भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है. जस्टिस गवई 23 नवंबर, 2025 को 65 साल के होने के बाद रिटायर हो जाएंगे. फिलहाल, जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने हाल ही में सीजेआई गवई को पत्र लिखकर स्थापित प्रक्रिया के तहत, उनसे अगले सीजेआई के नाम की सिफारिश करने के लिए कहा था. अब राष्ट्रपति द्वारा आधिकारिक नियुक्ति होने के बाद, जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर, 2025 को मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल लेंगे. वे देश के 53वें सीजेआई होंगे और उनका कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 तक होगा. यानी वे करीब 15 महीनों तक सीजेआई पद पर रहेंगे.

वेनेजुएला का आरोप: त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ मिलकर उसे ‘उकसा’ रहा है अमेरिका

वेनेजुएला ने अपने तट के पास स्थित कैरेबियाई देश त्रिनिदाद और टोबैगो की निंदा की है क्योंकि उसने अमेरिका के साथ साझा सैन्य अभ्यास किया और एक अमेरिकी युद्धपोत को अपने बंदरगाह पर ठहरने की अनुमति दी. रविवार को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के प्रशासन ने एक बयान में कहा, “वेनेजुएला त्रिनिदाद और टोबैगो द्वारा सीआईए के साथ मिलकर किए गए गए ‘सैन्य उकसावे’ की निंदा करता है. इसका उद्देश्य कैरेबियाई क्षेत्र में युद्ध भड़काना है.”

यह बयान कार्यकारी उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अपने टेलीग्राम चैनल पर साझा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिनिदाद और टोबैगो अब अमेरिका का “सैन्य उपनिवेश” बन गया है और इस तरह अमेरिका “कैरेबियाई क्षेत्र” के देशों जैसे वेनेजुएला, कोलंबिया और पूरे दक्षिण अमेरिका के खिलाफ "युद्ध” भड़काना चाहता है. दोनों देशों की निकटता को देखते हुए यह कदम वेनेजुएला के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है क्योंकि त्रिनिदाद और टोबैगो उसकी सीमा से केवल ग्यारह किलोमीटर दूर हैं.

रविवार को ही अमेरिकी युद्धपोत ग्रेवली त्रिनिदाद और टोबैगो की राजधानी में लगा दिया गया. चार दिन की इस यात्रा के दौरान यह पोत स्थानीय रक्षा बलों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण करेगा. बताया जा रहा है कि यह युद्धपोत लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलें और हेलिकॉप्टर लाने ले जाने और गहन सर्वेलांस की क्षमता रखता है. अमेरिका ने हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत ‘फोर्ड’ और उसके जैसे और भी पोतों को इसी क्षेत्र में लगाया है, जिससे कैरेबियाई इलाके में तनाव और बढ़ गया है.

महिला क्रिकेटरों पर कैलाश विजयवर्गीय के बयान का तीखा विरोध

बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटरों के बारे में दिए गए बयान का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है. शिवसेना ठाकरे के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, “जाहिर है सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी, लेकिन ऐसे समय में जब हम ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बोली लगा रहे हैं और निवेशकों को भी बुला रहे हैं, तब सरकार में ऐसी बेकार मानसिकता होना शर्मनाक है.”

दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों का कथित तौर पर पीछा किए जाने और उन्हें गलत तरीके से छूने की घटना हुई थी. ये दोनों खिलाड़ी आईसीसी विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए पहुंची थीं. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इसके बाद, एमपी सरकार में शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा था कि महिला क्रिकेटरों की ओर से भी चूक हुई है.

उन्होंने कहा था, “देखिए, कोई भी खिलाड़ी हो, कहीं पर भी जाता है, जब हम लोग भी बाहर जाते हैं तो कम से कम एक स्थानीय व्यक्ति को तो बताते ही हैं. खिलाड़ियों को भी इससे ध्यान में आएगा कि भविष्य में हम कभी भी अपना स्थान छोड़ें तो हमारी सिक्योरिटी या स्थानीय प्रशासन को बताकर निकलें क्योंकि क्रिकेट खिलाड़ियों का बड़ा क्रेज है.” अब उनके इसी बयान का विपक्ष की ओर से कड़ा विरोध हो रहा है.