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3 अप्रैल की बड़ी खबरें और अपडेट्स

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं.

3 अप्रैल की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.ट्रंप बोले, 'अगली बार' ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएंगे

ईरान जंग के बीच मालदीव ने भारत से की ईंधन की मांग

नाटो में बने रहने के लिए हम अमेरिका को मना लेंगे: जर्मन विदेश मंत्री

ईरान ने किया अमेरिका का दूसरा लड़ाकू विमान मार गिराए जाने का दावा

ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार, 3 अप्रैल को एक और अमेरिकी एफ-35 जेट मार गिराया है. इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की तरफ से आए बयान के मुताबिक, ईरान ने नए एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से अमेरिकी फाइटर जेट को अपने ही एयरस्पेस में मार गिराया है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है.

आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा, "विमान के पूरी तरह नष्ट हो जाने के कारण इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि पायलट का क्या हुआ." आईआरजीसी के मुताबिक, पायलट के बचने की संभावना बेहद कम है. ईरानी सेना दावे पर अब तक अमेरिका ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

आईआरजीसी का दावा है कि यह दूसरा एफ-35 फाइटर जेट था, जिसे उन्होंने मार गिराया है. लेकिन, ईरान के पहले दावे को अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया था. जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार, अब तक किसी सशस्त्र संघर्ष में एफ-35 को गिराए जाने का पुष्ट मामला सामने नहीं आया है.

जनरल मिन बने म्यांमार के नए राष्ट्रपति

म्यांमार की संसद ने शुक्रवार को जनरल मिन आंग ह्लाइंग को राष्ट्रपति के तौर पर चुन लिया है. मिन वही जनरल हैं, जिन्होंने 2021 में आंग सान सू की सरकार को सत्ता से हटाया था. बीते पांच सालों से म्यांमार की सत्ता एक तरह से उनके मुताबिक ही चल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम सिर्फ एक निर्वाचित सरकार की वापसी का संकेत है, लेकिन व्यापक तौर पर इसे सेना को सत्ता में बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

विरोधियों और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने इसे एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव मानने से इनकार कर दिया है. मिन आंग ह्लाइंग राष्ट्रपति पद के तीन उम्मीदवारों में से एक थे, लेकिन उनका इस पद पर चुना जाना लगभग तय था, क्योंकि सेना समर्थित दलों के सांसदों और सेना के नियुक्त सदस्यों का संसद में पूर्ण बहुमत है.

आप सांसद राघव चड्ढा बोले, "खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं"

आम आदमी पार्टी और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच की खींचतान अब सबके सामने आ गई है. राघव चड्ढा ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं.” दरअसल, आम आदमी पार्टी ने 2 अप्रैल को राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था.

इसके बाद राघव ने पूछा है कि क्या जनता के मुद्दे उठाना और जनहित के मुद्दों पर बोलना कोई अपराध है. राघव ने वीडियो में कहा, “आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह कहा है कि राघव चड्ढा के संसद में बोलने पर रोक लगा दी जाए.” उन्होंने आगे कहा कि वे तो हमेशा आम आदमी के मुद्दों की बात करते हैं, ऐसे में उनके बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर पलटवार करते हुए कहा, “पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव. मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो. देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो.” अनुराग ने कहा, “संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का.”

होर्मुज खुलवाने को लेकर होने वाली वोटिंग से पहले ईरान ने दी चेतावनी

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा, "हमलावरों और उनके समर्थकों की कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई, मौजूदा हालात को और मुश्किल बना देगी जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति से जुड़ा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया गया कोई भी कदम शामिल है."

होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक मसौदा लाया गया है. अरागची शुक्रवार, 3 अप्रैल को इसी मसौदा प्रस्ताव पर होने वाले मतदान से पहले बोल रहे थे, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए एक बल तैनात करने का आदेश दिया गया था.

सुरक्षा परिषद में यह मतदान शुक्रवार को होना था लेकिन बाद में एलान किया गया कि वोटिंग स्थगित कर दी गई है और फिलहाल इसकी कोई नई तारीख तय नहीं की गई है. यह मसौदा बहरीन ने पेश किया था जिसे अमेरिका और उन खाड़ी देशों का समर्थन मिला था जो इस नाकेबंदी से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. लेकिन रूस, चीन और फ्रांस सहित सदस्य देशों ने इसके पहले के मसौदों पर आपत्ति जताई थी.

ईरान जंग के बीच मालदीव ने भारत से की ईंधन आपूर्ति की मांग

भारत के पड़ोसी देश मालदीव ने ईंधन की आपूर्ति की मांग की है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार, 2 अप्रैल को कहा, “मालदीव सरकार ने भी अल्पकालिक और दीर्घकालिक आधार पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए हमसे संपर्क किया है. हमारी अपनी उपलब्धता और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मालदीव के अनुरोध की जांच की जा रही है.”

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, मालदीव आमतौर पर अपना ईंधन ओमान से आयात करता है. लेकिन ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमले के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से तेल और तेल उत्पादों की आवाजाही ठप हो गई है. इसके कारण मालदीव समेत कई एशियाई देशों के सामने ईंधन का संकट खड़ा हो गया है.

भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कच्चे तेल का रिफाइनर है. जायसवाल ने बताया कि देश फिलहाल वाणिज्यिक समझौतों के तहत बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका जैसे कुछ देशों को ईधन भेज रहा है. जायसवाल ने बताया कि भारत मॉरीशस और सेशल्स के साथ भी मौजूदा ऊर्जा स्थिति पर चर्चा कर रहा है लेकिन अभी तक उन देशों की ओर से भारत को कोई अनुरोध नहीं मिला है.

फ्रैंकफर्ट जा रही ट्रेन में पटाखे फूटने से 12 लोग घायल, आरोपी गिरफ्तार

जर्मनी में चाकू से लैस एक शख्स को हाई-स्पीड ट्रेन में पटाखे फोड़ने के बाद गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने शुक्रवार, 3 अप्रैल को जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में 12 लोग घायल हुए हैं. वारदात 2 अप्रैल की देर रात फ्रैंकफर्ट जा रही एक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में हुई.

घटना के बाद लगभग 180 यात्रियों को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकाला गया. पुलिस ने अपने बयान में बताया कि पटाखे फूटने के बाद यात्रियों ने संदिग्ध को एक बाथरूम में बंद कर दिया था. बयान के अनुसार, आरोपित के पास से दो चाकू भी बरामद हुए हैं. पुलिस का कहना है कि वे संदिग्ध के इरादों की जांच कर रहे हैं. जर्मन मीडिया की खबरों के अनुसार, उसने कथित तौर पर हमला करने की धमकी दी थी और कहा था कि वह लोगों को मारना चाहता है.

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल और सेना प्रमुख को पद से हटाया गया

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी के प्रदर्शन से नाराजगी के चलते गुरुवार, 2 अप्रैल को उन्हें उनके पद से हटा दिया. रॉयटर्स की खबर के अनुसार, ट्रंप खासतौर पर यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक किए जाने पर बॉन्डी से नाखुश थे.

खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति को यह भी लग रहा था कि बॉन्डी उन आलोचकों और विरोधियों पर मुकदमा चलाने में पर्याप्त तेजी नहीं दिखा रही थीं, जिनपर ट्रंप आपराधिक आरोप लगवाना चाहते थे. ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में एलान किया कि मौजूदा डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच अस्थायी रूप से न्याय विभाग का नेतृत्व करेंगे. ब्लैंच, ट्रंप के निजी वकील भी रह चुके हैं.

एक और खबर में रॉयटर्स ने तीन अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज को बर्खास्त कर दिया है. यह पेंटागन के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों की हालिया छंटनी का हिस्सा है. अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने भी पुष्टि की है कि जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से रिटायर हो रहे हैं. अभी उनका एक साल से अधिक कार्यकाल बचा था.

नाटो में बने रहने के लिए हम अमेरिका को मना लेंगे: जर्मन विदेश मंत्री

जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नाटो से अमेरिकाके हटने के बयानों पर चिंता जाहिर की है. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "बेशक, इस तरह के बयान मुझे चिंतित करते हैं," लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनका मानना है कि नाटो से अमेरिका को बाहर निकलने से अभी भी रोका जा सकता है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी स्पष्ट प्रतिबद्धता और गठबंधन के लिए हमारा दृढ़ समर्थन अमेरिका को इस सफलता की कहानी को साथ मिलकर जारी रखने के लिए मना लेगा."

राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में फिर से धमकी दी थी कि ईरान में युद्ध में शामिल होने से सहयोगियों के इनकार के कारण अमेरिका नाटो छोड़ देगा. ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ के पूछे जाने पर कि क्या वह नाटो की सदस्यता पर पुनर्विचार करेंगे, ट्रंप ने कहा: "हां, मैं कहूंगा कि यह पुनर्विचार से परे है." ट्रंप इस बात से नाराज हैं कि नाटो के सदस्य देश, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राएल के युद्ध का समर्थन नहीं कर रहे हैं.

वाडेफुल ने कहा कि जर्मनी और दूसरे सभी सहयोगियों की सुरक्षा के लिए नाटो बेहद महत्व रखता है और उन्होंने तर्क दिया कि यह गठबंधन अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है. उन्होंने स्वीडन और फिनलैंड के शामिल होने और रक्षा पर आर्थिक उत्पादन का पांच फीसदी खर्च करने की यूरोपीय देशों की प्रतिबद्धता की ओर इशारा किया. साथ ही कहा कि ट्रंप अकेले नाटो से हटने का फैसला नहीं कर सकते, उन्हें कम से कम सीनेट की मंजूरी की जरूरत होगी. ट्रंप को हाल ही में अपनी टिप्पणियों के लिए अमेरिकी सीनेट से विरोध का सामना करना पड़ा है.

ट्रंप बोले, 'अगली बार' ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में जो कुछ भी बचा है, उसे नष्ट करना अभी शुरू भी नहीं किया है." ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “अगला नंबर पुलों का है, और उसके बाद बिजली पावर प्लांट का." उनकी यह चेतावनी उन अमेरिकी हमलों के एक दिन बाद आई है, जिसमें तेहरान और करज शहर को जोड़ने वाले बी1 पुल को निशाना बनाया गया था. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, उस हमले में कम से कम आठ लोग मारे गए थे.

अमेरिका में कानूनी विशेषज्ञों ने इस सप्ताह चेतावनी दी कि बिजली संयंत्रों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि ईरान का नेतृत्व जानता है कि क्या किया जाना है और इसे तेजी से किया जाना चाहिए. ट्रंप बार-बार यह धमकी दे रहे हैं कि अगर ईरान युद्ध समाप्त करने की उनकी मांगों को नहीं मानता है, तो वे हमलों को और तेज करेंगे. वहीं, तेहरान ने भी अपने हमले जारी रखने का संकल्प लिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2026 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).