26 नवंबर की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

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- भारत में मनाया जा रहा संविधान दिवस

- पुतिन से बातचीत के लिए मॉस्को अपना दूत भेजेंगे ट्रंप

- थाईलैंड की बाढ़ में 33 लोगों की मौत

बांग्लादेश की झुग्गी बस्ती में आग लगने से हजारों लोग बेघर हुए

बांग्लादेश की राजधानी ढाका की एक बड़ी झुग्गी बस्ती में मंगलवार देर शाम को भीषण आग लग गई, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए. अधिकारियों ने बताया कि आग की वजह से टीन की छत वाली झुग्गियां जलकर खाक हो गईं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सबकुछ तबाह हो गया है.

कोरेल बांग्लादेश की सबसे बड़ी और सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली झुग्गी-बस्तियों में से एक है. यहां मंगलवार को सूरज डूबने के कुछ देर बाद ही लपटें दिखने लगीं और जल्दी ही उन्होंने विकराल रूप धर लिया. इस इलाके की आबादी करीब 80 हजार है. आग लगने के बाद लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई. दमकल विभाग के मुताबिक, पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.

अभी तक आग लगने की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इसने हजारों की संख्या में लोगों को बेघर कर दिया है. यहां रहने वालीं अमीना बेगम अपने जले हुए घर को देखकर रोने लगीं. उन्होंने रॉयटर्स से कहा, “मेरे पास जो कुछ भी था, सब चला गया. अब मैं कैसे जिंदा रहूंगी.”

इटली में महिलाओं की हत्या को अलग अपराध बनाया गया

इटली के सांसदों ने महिलाओं और लड़कियों की हत्या को एक अलग अपराध घोषित करने वाले बिल को एकमत से मंजूरी दे दी है. इस अलग अपराध के लिए दोषियों को उम्र कैद की सजा मिलेगी. इटली की दंड संहिता में एक नया आर्टिकल जोड़ा गया है, जिसमें "पीड़ित के गुणों के आधार पर" नरसंहार की एक नई श्रेणी बनाई गई है. इससे पहले इटली के कानून में सिर्फ उन्हीं मामलों में इसे परिस्थितियों को गंभीर बनाने वाला माना जाता था, जब हत्या करने वाला पीड़ित का पति या फिर रिश्तेदार हो.

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस मुद्दे पर संसद की एजुटता की सराहना की है और कहा है कि यह कदम, "हर महिला के सम्मान और आजादी की रक्षा का" औजार बनेगा. इटली की सीनेट इसे जुलाई में ही मंजूरी दे चुकी है. सीनेट में भी इसके पक्ष में 237 वोट पड़े थे और एक भी वोट विरोध में नहीं था. इटली के राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान का कहना है कि 2024 में देश में 327 महिलाओं और लड़कियों की हत्या हुई थी. इनमें से 92.2 फीसदी मामलों में हत्या पुरुषों ने की थी.

थाईलैंड की बाढ़ में 33 लोगों की मौत

थाईलैंड में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बरसात के बाद आई बाढ़ की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या बुधवार को 33 तक पहुंच गई. पड़ोसी देश मलेशिया में भी दसियों हजार लोगों को उनके घरों से निकाल कर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है.

मंगलवार को थाईलैंड की सरकार ने दक्षिण सोंगखला प्रांत में आपातकाल की घोषणा कर दी. पिछले हफ्ते से हो रही भारी बरसात में यहां काफी नुकसान हुआ है. इसी प्रांत में हात याई और दूसरी जगहें हैं, जो सैलानियों को पसंद आती हैं. हात याई की सड़कें और गलियां बाढ़ के भूरे पानी में डूबी हुई हैं. कई इमारतों के ग्राउंड फ्लोर भी पानी से भर गए हैं.

थाई सरकार के प्रवक्ता ने पत्रकारों से कहा, "अधिकारियों ने सातों राज्यों में 33 लोगों की मौत की खबर दी है. अचानक आई बाढ़,

बिजली के झटकों और डूबने की वजह से मौतें हुई हैं." प्रवक्ता सिरिपोंग अंगकासकुलकियाट ने यह भी कहा कि दक्षिण की ओर अब बाढ़ का पानी उतरने की उम्मीद है. दक्षिण के सभी सात राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है. इन राज्यो में दसियों लाख लोग रहते हैं. बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की वजह से अपने घर नहीं पहुंच पाए हैं या फिर होटलों में फंसे हुए हैं. सेना हेलीकॉप्टर और विमानों की मदद से मरीजों को अस्पताल पहुंचा रही है.

ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के सोशल मीडिया बैन को चुनौती

ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई है. दो हफ्ते बाद यह प्रतिबंध देश में लागू होना है. हाईकोर्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया में इस प्रतिबंध के खिलाफ डिजिटल फ्रीडम प्रोजेक्ट नाम के समूह ने याचिका दायर की है. समूह ने यह याचिका 15 साल के नोआ जोन्स और मैसी नेलैंड की तरफ से दायर की है.

डिजिटल फ्रीडम प्रोजेक्ट ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस प्रतिबंध ने ऑस्ट्रेलिया के युवाओं से राजनीतिक संवाद की आजादी छीन ली है, जो उन्हें संविधान में दी गई है. नेलैंड का कहना है कि यह प्रतिबंध युवाओं को अपने विचार ऑनलाइन रखने से रोक देगा.

ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के किशोरों के बनाए 10 लाख से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए जाने हैं. ये अकाउंट यूट्यूब, टिकटॉक, स्नैपचैट, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हैं. 10 दिसंबर, 2025 से ऑस्ट्रेलिया में यह प्रतिबंध लागू होना है.

स्कूलों में मोबाइल और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ हैं जर्मनी के वित्त मंत्री

जर्मन एयरपोर्ट की घेराबंदी करने वालों पर 4 लाख यूरो का जुर्माना

जर्मनी में क्लाइमेट एक्शन ग्रुप 'लास्ट जेनरेशन' के 10 कार्यकर्ताओं पर अदालत ने 400,000 यूरो का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना उन्हें यूरोविंग्स एयरलाइन को देना होगा. अदालत ने हैम्बर्ग एयरपोर्ट की घेराबंदी करने के लिए इन कार्यकर्ताओं पर जुर्माना लगाया है.

हैम्बर्ग रीजनल कोर्ट ने करीब दो साल की सुनवाई के बाद मंगलवार देर शाम यह फैसला सुनाया है. अदालत ने यह भी कहा है कि अगर कार्यकर्ताओं ने दोबारा एयरपोर्ट की घेराबंदी की तो उन्हें छह महीने के लिए हिरासत में रखा जाएगा यानी कि दूसरे शब्दों में उन्हें जेल जाना होगा. हालांकि, अदालत के फैसले के खिलाफ अभी अपील की गुंजाइश है.

13 जुलाई, 2023 को जलवायु कार्यकर्ता एयरपोर्ट की बाड़ को पार कर परिसर में घुस गए. इसके बाद इनमें से चार ने खुद को रनवे के पास चिपका लिया. कुल मिला कर चार महिलाएं और छह लोग इसमें शामिल थे जिनकी उम्र उस वक्त 19-63 वर्ष के बीच थी. यूरोविंग्स एयरलाइन लुफ्थांसा ग्रुप की सब्सिडियरी है.

संविधान दिवस के मौके पर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी

भारत में बुधवार, 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जा रहा है. 26 नवंबर, 1949 को भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था, उसी के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जा रहा है. इस मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों को एक पत्र लिखकर उन्हें मौलिक कर्तव्यों की याद दिलाई. उन्होंने लिखा, “हमारे सामने विकसित भारत का लक्ष्य है इसलिए हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखते हुए ही आगे बढ़ना है.”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि भारत का संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, यह देश के हर नागरिक से किया गया एक पवित्र वादा है. उन्होंने लिखा, “जब तक संविधान सुरक्षित है, हर भारतीय के अधिकार सुरक्षित हैं. आइए, प्रण लें कि हम संविधान पर किसी भी तरह का आक्रमण नहीं होने देंगे. इसकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है और इस पर होने वाले हर प्रहार के सामने सबसे पहले खड़ा रहूंगा.”

संविधान दिवस के मौके पर पुरानी संसद की इमारत में एक समारोह भी हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे. इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने नौ भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी किया. इन भाषाओं में मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगू, उड़िया और असमिया भाषा शामिल है.

पुतिन से बातचीत के लिए मॉस्को अपना दूत भेजेंगे ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अगले हफ्ते अपने दूत स्टीव विटकॉफ को यूक्रेन युद्ध समाप्ति के समझौते के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करने के लिए मॉस्को भेजेंगे. मंगलवार को ट्रंप ने यह जानकारी दी. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा है, "असहमति के अब कुछ ही बिंदु रह गए हैं." हालांकि, यूरोपीय नेता आशंकाओं में घिरे हैं और इस बीच रूसी मिसाइलें यूक्रेन पर हमले कर रही हैं.

मैर्त्स ने दी चेतावनी, "यूक्रेन की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं"

ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई है कि वे "जल्दी ही" पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि यह मुलाकात, "सिर्फ तभी होगी जब युद्ध खत्म करने पर समझौता हो जाएगा या फिर समझौता होने का आखिरी चरण आ जाएगा." बाद में ट्रंप ने अपने विमान एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से यह भी कहा कि उनके दामाद जेयर्ड कुशनर भी मॉस्को में विटकॉफ के साथ जा सकते हैं.

अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए 28 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव दिया है. इस बात के कयास लग रहे हैं कि यह प्रस्ताव विटकॉफ और पुतिन के विदेश नीति सलाहकार के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत से निकला है. ब्लूमबर्ग ने इन दोनों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा हासिल होने की खबर दी है. इस ब्यौरे के मुताबिक, विटकॉफ ने यूक्रेन के लिए 20 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव तैयार करने की बात कही थी. ट्रंप के 28 बिंदुओ वाली प्रस्ताव को मोटे तौर पर रूस के हित में माना जा रहा था. हालांकि, अब यूक्रेन से बातचीत के बाद उसमें बदलाव किए गए हैं और यूक्रेन के हितों को उसमें जगह दी गई है. विटकॉफ जल्द ही इस संशोधित प्रस्ताव पर पुतिन से मॉस्को में बात करेंगे.

40 अरब डॉलर के विशेष बजट से हथियार खरीदेगा ताइवान

ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने बुधवार को कहा कि वे हथियार खरीदने के लिए 40 अरब डॉलर का विशेष बजट लेकर आएंगे. इस बजट के तहत ताइवान डोम भी बनाया जाएगा, जो एक अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली होगी. यह बजट अगले आठ सालों यानी 2026 से 2033 तक के लिए आवंटित किया जाएगा. इससे पहले, ताइवान ने 2026 के लिए अपने सैन्य बजट में 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी की और 31.8 अरब डॉलर सैन्य खर्च के लिए आवंटित किए.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, राष्ट्रपति चिंग-ते ने कहा कि यह बजट चीन के बढ़ते खतरे से खुद की रक्षा करने की ताइवान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. दरअसल, चीन ताइवान पर अपना हक जताता है और उसने बीते पांच सालों में ताइवान पर राजनीतिक और सैन्य दबाव बढ़ा दिया है. वहीं, ताइवान चीन के इस दावे को पूरी तरह खारिज करता है.

अमेरिका इस मामले में ताइवान का समर्थन करता है. हालांकि, ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने ताइवान पर दबाव बनाया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए अधिक खर्च करे. इसके बाद अगस्त में चिंग-ते ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि 2030 तक ताइवान का सैन्य खर्च उनकी जीडीपी के पांच फीसदी के बराबर हो जाएगा. इसके बाद अब सैन्य खरीद के लिए इस विशेष बजट की घोषणा की गई है.