नयी दिल्ली, तीन जुलाई कॉरपोरेट बांड के लिये देश का पहला एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) भारत बांड ईटीएफ आने वाले समय में सरकारी कंपनियों की एए रेटिंग वाली प्रतिभूतियों को शामिल करने पर विचार कर सकता है। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) सचिव तुहिन कांत पांडेय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
अभी ईटीएफ सिर्फ सरकारी कंपनियों की एएए रेटिंग वाली प्रतिभूतियों में ही निवेश करता है।
यह पूछे जाने पर कि क्या आने वाले समय में एए रेटिंग वाली प्रतिभूतियों को शामिल किया जा सकता है, पांडेय ने कहा, ‘‘हमने उसके लिये प्रावधान रखा है। हमने इसे भविष्य में सिर्फ एएए रेटिंग वाली प्रतिभूतियों तक सीमित नहीं रखा है। जैसे जैसे हम आगे बढ़ेंगे, हम इस पर विचार कर सकते हैं क्योंकि हम एक बांड बाजार विकसित करना चाहते हैं।’’
भारत बांड ईटीएफ को तीन साल तथा 10 साल की परिपक्वता अवधि के लिये दिसंबर, 2019 में की गयी शुरुआती पेशकश में करीब 12,400 करोड़ रुपये मिले थे।
पांडेय ने कहा कि पहली खेप के तहत धन जुटाने वालों को 2023 के लिये पेश बांड से उधार पर 0.13 प्रतिशत की, 2030 के लिये पेश बांड से 0.20 प्रतिशत की बचत करने में मदद मिली। हम इसे एक परिपक्व बाजार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
भारत बांड ईटीएफ की दूसरी खेप 14 जुलाई को पेश होने वाली है। इसके निर्गम का आकार तीन हजार करोड़ रुपये है, जिसमें 11 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि की जा सकती है। इस तरह इसका पूरा आकार 14 हजार करोड़ रुपये हो जायेगा।
यह खेप 17 जुलाई को बंद होगी। इसका प्रबंधन एडलवाइस एसेट मैनेजमेंट करेगी।
पिछले साल दिसंबर में पेश किये भारत बांड इश्यू को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। इस इश्यू को लगभग 1.8 गुना अभिदान मिला था। इश्यू का आधार आकार सात हजार करोड़ रुपये था। यह ईटीएफ बांड बाजार को व्यापक बनाने के सरकार के प्रयास का एक हिस्सा था।
पांडेय ने कहा कि ईटीएफ के तहत प्रबधित संपत्ति में वृद्धि हुई है और इससे निवेशकों के बढ़ते भरोसे का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि दूसरी खेप से सरकारी कंपनियों को पूंजीगत खर्च के मोर्चे पर सहयोग मिलेगा।
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