नयी दिल्ली, आठ अगस्त नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कान्त का मानना है कि एक बेहतर ऑनलाइन विवाद समाधान (ओडीआर) पारिस्थतिकी तंत्र से तेज और विश्वसनीय तरीके से कम लागत में ‘न्याय’ सुनिश्चित होगा। इसके अंतत: कारोबार सुगमता की स्थिति बेहतर हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि ओडीआर एक तेजी से उभरती समाधान प्रणाली है। इसमें प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल सिर्फ मदद के लिए नहीं, बल्कि दक्ष और कम खर्च पर न्याय की ‘आपूर्ति’ के लिए होता है।
वह शनिवार को यहां कारोबार सुगमता को बेहतर करने के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान के इस्तेमाल पर एक वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
अमिताभ कान्त ने कहा, ‘‘भारत में एक बेहतर ओडीआर पारिस्थितिकी तंत्र में न्याय दिलाने और विवाद समाधान की लागत को कम कर कारोबार सुगमता की स्थिति बेहतर करने की क्षमता है।’’
यह भी पढ़े | Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती ED के ऑफिस पहुंचे.
इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी एन श्रीकृष्ण ने कहा कि ओडीआर अदालती प्रणाली के पूरक के रूप में काम कर सकता है।
उन्होंने कहा कि वास्तव में यह अदालती प्रणाली के लिए सहायक होगा। इससे बड़ी संख्या में मामलों का अदालत में आने से पहले ही समाधान हो जाएगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY