कोलकाता, 15 सितंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक महिला सहकारी समिति में कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी से लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपने में विफल रहने पर शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने 24 अगस्त को निर्देश दिया था कि जांच दो केंद्रीय एजेंसियों को स्थानांतरित कर दी जाए और मामले से संबंधित सभी दस्तावेज उन्हें सौंप दिए जाएं।
राज्य के उत्तरी हिस्से में अलीपुरद्वार जिले में उक्त सहकारी समिति में 50 करोड़ रुपये के गबन के आरोप सामने आने के बाद उसने 2020 में काम करना बंद कर दिया। जमाकर्ताओं को उनका पैसा वापस नहीं मिलने पर इस गड़बड़ी का पता चला था।
अदालत ने जुर्माना लगाते हुए कहा कि रकम दो हफ्ते के अंदर उच्च न्यायालय के महापंजीयक के समक्ष जमा कराई जाए।
इसने केंद्रीय एजेंसियों को दस्तावेज सौंपने के लिए तीन दिन का समय भी दिया, जिसके बाद उन्हें जांच प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
अपराध जांच विभाग (सीआईडी) तीन साल से मामले की जांच कर रहा है और उसने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि यह पता नहीं चल सका कि जमा किया गया पैसा कहां गया।
सीआईडी की जांच से नाखुश अदालत ने मामले को सीबीआऔ और ईडी को स्थानांतरित कर दिया।
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