नयी दिल्ली, 24 सितंबर विधि क्षेत्र के पांच दिग्गजों को भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने कानून के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए रविवार को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया।
बीसीआई ने वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरण, फली एस नरीमन और के के वेणुगोपाल के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता सोली जे सोराबजी और राम जेठमलानी को मरणोपरांत सम्मानित किया।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नरीमन और वेणुगोपाल को सम्मानित किया। परासरण की ओर से उनके बेटे एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश परासरण ने सम्मान ग्रहण किया।
शाह ने जेठमलानी और सोराबजी का सम्मान उनके परिवारों को दिया।
परासरण ने 1983 से 1989 तक भारत के अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्य किया। उन्होंने हिंदू पक्ष की ओर से अयोध्या रामजन्म भूमि विवाद मामले में सफलतापूर्वक बहस की थी। वह राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले ट्रस्टी हैं, जो मंदिर के निर्माण और प्रबंधन की देखभाल कर रहा है।
दो दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन-2023’के समापन के अवसर पर बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा, ‘‘ भारतीय विधिज्ञ परिषद पहली बार देश के कानूनविदों को सम्मानित करने जा रही है। परिषद ने निर्णय लिया है कि हर साल कानून के क्षेत्र के पांच दिग्गजों को सम्मानित किया जाएगा और यह संख्या समय के साथ बढ़ सकती है। लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड को ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया विधि रत्न अवार्ड’ के नाम से दिया जाएगा।’’
परासरण ने एक वीडियो संदेश में पुरस्कार के लिए परिषद को धन्यवाद दिया और इसे एक विशेष सम्मान बताया।
नरीमन ने 1972 से 1975 तक अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्य किया और वह पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं। वेणुगोपाल 2017 से 2022 तक भारत के अटॉर्नी जनरल थे।
सोराबजी ने 1989 से 90 और 1998 से 2004 तक भारत के अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्य किया। उनका अप्रैल 2021 में निधन हो गया था।
जेठमलानी ने केंद्रीय कानून मंत्री और बीसीआई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। उनका 2019 में निधन हो गया था।
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