खेल की खबरें | बायर्न म्यूनिख ने पीएसजी को हराकर छठी बार यूरोपीय कप जीता

बायर्न की चैंपियन्स लीग में यह 2013 के बाद पहली खिताबी जीत है, जबकि पिछले नौ वर्षों में खिलाड़ियों पर एक अरब डॉलर से भी अधिक धनराशि करने के बावजूद पीएसजी को अब भी अपने पहले यूरोपीय कप का इंतजार है।

पीएसजी ने नेमार, काइलिन मबापे और एंजेल डि मारिया पर 50 करोड़ डॉलर से भी अधिक धनराशि खर्च की है और उसकी टीम बायर्न के सामने मजबूत दिख रही है।

यह भी पढ़े | IPL 2020: सुनील गावस्कर ने कहा- कई सारे लोग आईपीएल से अपनी आजीविका चलाते हैं.

ये तीनों महंगे खिलाड़ी अग्रिम पंक्ति में कोई जादू नहीं दिखा पाये। दूसरी तरफ पेरिस में जन्में और पीएसजी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले विंगर कोमैन ने अपनी इस पूर्व टीम को करारा झटका दिया।

चौबीस वर्षीय कोमैन के आसपास तब पीएसजी का कोई रक्षक नहीं था लेकिन वह जोशुआ किमिच का क्रास लेने के लिये तैयार थे। कोमैन ने उसे हेडर से गोल में पहुंचाने में कोई गलती नहीं की। यह गोल आखिर में निर्णायक साबित हुआ।

यह भी पढ़े | Saqlain Mushtaq ने कहा- BCCI ने धोनी के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया.

यह चैंपियन्स लीग में बायर्न म्यूनिख का 43वां गोल था। अपने इस अभियान में बायर्न पहली ऐसी टीम बनी जिसने चैंपियन्स लीग के अपने सभी 11 मैच जीते।

इसके साथ ही सत्र का समापन भी हो गया। कोरोना वायरस महामारी के कारण हालांकि इसमें तीन महीने की देरी हुई। बायर्न म्यूनिख के लिये यह सत्र शानदार रहा। उसने लगातार आठवीं बार बुंदेसलीगा ट्राफी जीती और जर्मन कप भी अपने नाम किया था।

बायर्न सर्वाधिक बार चैंपियन्स लीग का खिताब जीतने के मामले में लिवरपूल के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। अब रीयाल मैड्रिड (13) और एसी मिलान (सात) ही उससे आगे हैं।

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)