देश की खबरें | कड़ा अभ्यास सुनिश्चित करने के लिये खिलाड़ियों पर प्रयोग किये जाएंगे बैटरी संचालित मास्क
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 सितंबर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ओलंपिक की तैयारियों में जुटे अपने खिलाड़ियों का कड़ा अभ्यास सुनिश्चित करने के लिये बैटरी से संचालित मास्क का परीक्षण के तौर पर उपयोग करेगा।

यह मास्क आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्रों ने तैयार किया है और इसके बारे में दावा किया गया है कि इसको पहनने वाला अधिकतम आक्सीजन ग्रहण करता है।

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आईओए ने आईआईटी खड़गपुर के पीयूष अग्रवाल के साथ करार किया है जो ‘पीक्यूआर टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक हैं और जिन्हें ‘कवच मास्क प्रोजेक्ट’ के तहत सरकार से पैसा भी मिला है। उनका स्टार्ट अप वर्तमान समय में आईआईटी दिल्ली से संबद्ध है।

इस मास्क का ब्रांड नाम ‘मोक्ष’ है।

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अग्रवाल पिछले दो वर्षों से मास्क के डिजाइन और निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं। उन्होंने प्रदूषण संबंधी मास्क से इसकी शुरुआत की थी।

आईओए महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि बैटरी से संचालित मास्क का पहले ओलंपिक की तैयारियों में लगे कुछ खिलाड़ियों पर ट्रायल किया जाएगा। इसमें से प्रत्येक मास्क की कीमत 2200 रुपये के लगभग है।

खिलाड़ियों को अगर सांस लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती है और इसके साथ ही आईओए चिकित्सा आयोग से मंजूरी मिलने के बाद ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी और अन्य भी इसका उपयोग करेंगे।

मेहता ने पीटीआई- से कहा, ‘‘मैं पहले खिलाड़ियों का अभ्यास बहाल करने को लेकर बेहद सतर्कता बरत रहा था लेकिन अब जबकि खिलाड़ियों ने अभ्यास शुरू कर दिया है और हम नहीं जानते कि यह महामारी कब खत्म होगी तो हमें सर्वश्रेष्ठ संभावित उपायों के बारे में सोचना होगा और मास्क का यह विचार हमें अच्छा लगा जो कड़े अभ्यास के लिये सुरक्षित लगता है। ’’

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