देश की खबरें | ट्रैक्टर ट्राली के उपयोग पर पाबंदी, किसान आंदोलन को कमजोर करने की युक्ति : राकेश टिकैत

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश), चार अक्टूबर भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने यात्रा के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली के उपयोग पर पाबंदी लगाने संबंधी उत्तर प्रदेश सरकार के कदम पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को कहा कि इस संबंध में सरकार को जल्द ही पत्र लिखा जाएगा क्योंकि यह (ट्रैक्टर ट्रॉली) किसानों के लिए परिवहन का मुख्य साधन है।

किसान नेता राकेश टिकैत ने आज सरकार के उस बयान का विरोध किया, जिसमें यात्रा के लिए ट्रैक्टर-ट्राली का उपयोग नहीं करने को कहा गया है।

जनपद लखीमपुर में पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान मरे चार किसानों की बरसी से लौट रहे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसान यूनियन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ट्रैक्टर-ट्राली पर यात्रा करने से रोकने का पुरजोर विरोध करेगी।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह सरकार की किसान विरोधी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को कुचलना चाहती है और इस आदेश के पीछे सरकार की सोची-समझी साजिश है कि किसान आंदोलनों में ट्रैक्टर ना चल सके।

गौरतलब है कि कानपुर में रविवार को हुई एक बड़ी सड़क दुर्घटना के बाद शासन ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से यात्रा बंद करने को कहा है।

कानपुर जिले में ट्रैक्टर ट्रॉली के पलट जाने से 26 लोगों की मौत और कुछ अन्य गंभीर रूप से घायल हो जाने के बाद दो अक्टूबर को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है।

उन्होंने कहा था कि ट्रैक्टर ट्रॉली तथा ट्रक से यात्रा असुरक्षित है इसलिए यात्रा के लिए किसी भी दशा में ट्रैक्टर-ट्रॉली या ट्रक का उपयोग न किया जाए।

सरकार के इस बयान पर विरोध जताते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ट्रेन अथवा अन्य वाहनों की दुर्घटना होने के बाद क्या वे बंद की गई? जो सरकार ट्रैक्टर पर रोक लगाना चाहती है।

किसान नेता ने दावा किया, ‘‘ट्रैक्टर पहले की तरह सड़कों पर चलेंगे, इसका विरोध करने के साथ हम सरकार को पत्र भी लिखेंगे। सरकार किसानों को बर्बाद करने पर आमादा है।’’

टिकैत ने कहा कि सरकार को पता है कि किसान के आने जाने का सबसे बड़ा साधन ट्रैक्टर ही है। इसके पीछे सरकार की सोची-समझी साजिश है कि किसान आंदोलनों में ट्रैक्टर न चल सके।

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