जरुरी जानकारी | बैंकों को कोरोना काल में पूंजी जुटाने, बचाने की जरूरत: आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण भविष्य को लेकर अनिश्चिता है ऐसे वक्त में चाहे जरूरत नहीं भी हो तब भी देश के वाणिज्यिक बैंकों को पूंजी जुटाने की जरूरत है।
कोलकाता, 25 जुलाई भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण भविष्य को लेकर अनिश्चिता है ऐसे वक्त में चाहे जरूरत नहीं भी हो तब भी देश के वाणिज्यिक बैंकों को पूंजी जुटाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि इस समय जरूरत न हो तो भी संसाधनों को जुटाना चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि आगे जरूरत पड़ने पर यह उपलब्ध ही न हो, या बहुत महंगी हो जाए।
विश्वानाथन ने एन्क्यूबे कॉलैबरेशन द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा, ‘‘बैंकों को इस समय पूंजी जुटाने की आवश्यकता है। उन्हें पूंजी जुटाने और बचाने की जरूरत है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि जब इसकी जरूरत होगी, तो हो सकता है कि पूंजी उपलब्ध न हो, या अत्यधिक महंगी हो सकती है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार और आरबीआई, दोनों ने कोविड-19 के प्रकोप को सीमित करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, भविष्य अनिश्चित है और अर्थव्यवस्था में संकुचन निश्चित है।’’
विश्वनाथन ने कहा कि बैंकों के एनपीए में बढ़ोतरी तय है और ऐसे में बैकों को पर्याप्त रूप से पूंजीकृत करना आवश्यक है और उन्हें लागत-आय के अनुपात को कम करने पर जोर देना होगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)